👉🏻 गवाह का अपहरण कर मारपीट को भी दिया अंजाम,बचाने के लिए आने वालों से भी मारपीट,काउंटर केस
👉🏻पुलिस की जांच में सहयोग की बजाय परिजनों के साथ मिलकर शासकीय कार्य में पहुंचाई बाधा व पीटा
कोरबा-रजगामार। कोरबा जिले के रजगामार पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत प्रेम नगर में पिछली होली के दौरान एक ट्रांसपोर्टर अनिल यादव की हत्या के मामले में आरोपी अर्पित अग्रवाल, साहिल दास,अभिषेक जायसवाल सशर्त जमानत पर जेल से बाहर हैं। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उनके द्वारा पिछले दिनों हत्या के प्रकरण के गवाहों के साथ मारपीट की गई। एक गवाह का अपहरण कर उसे ले जाकर मारा-पीटा गया। बीच- बचाव करने पहुंचे उसके परिजनों के साथ भी मारपीट की गई और बाद में पुलिस चौकी जाकर रिपोर्ट भी दर्ज करा दिया। प्रकरण में पुलिस ने काउंटर केस दर्ज कर विवेचना शुरू की तो अर्पित अग्रवाल और साहिल दास ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पुलिसकर्मी पर ही हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष ने चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके पहले भी इस हत्या के मामले में अपराध दर्ज करने व गिरफ्तारी को लेकर चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप मृतक के परिजन लगा ही चुके हैं। बाद में एसपी ने संज्ञान लेकर आरोपियों को गिरफ्तार कराया, तब आरोपी जेल भेजे जा सके थे। 26 व 29 मार्च को घटित इस पूरे घटनाक्रम में कुल 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
👉🏻 पहली एफआईआर
27 मार्च को दोपहर 1:15 बजे दर्ज कराई गई एफआईआर में प्रार्थी सनिल कुमार चौरसिया पिता दीनानाथ चौरसिया निवासी ओमपुर रजगामार उम्र 39 साल ने बताया कि वह टेंट हाउस कार्य करता है। 26 मार्च को रात 11:30 बजे काला रंग के हेरियर कार क्रमांक सीजी 04 एमएस 2550 में एकजुट होकर अर्पित अग्रवाल, अभिषेक जायसवाल, नित्या श्रीवास, साहिल दास, गजेन्द्र भार्गव उर्फ सोनू भागर्व सहित अन्य लोग भगवा चौक रजगामार के पास आये और सीधे उतर कर अपने गाडी में उठाकर अपहरण कर जंगल ले जाकर बोले कि मर्डर करेंगे उसके बाद हमारे विरूद्ध केस करवाना। उन लोगों के द्वारा गाड़ी में तलवार, बेसबाल, डण्डा जैसे सामान रखे गए थे। इन लोगों के द्वारा गाड़ी से उतार कर प्रार्थी के साथ उपरोक्त सभी लोगों ने लात-घूंसा-डंडा से मारपीट किये जिससे चेहरे, पैर, हाथ और सीने में चोट लगा है। बहुत दर्द हुआ, खून का उल्टी हुआ। लड़ाई झगड़ा व मारपीट कर रहे थे तब हनुमान समिति उत्सव रजगामार के अरुण शर्मा उर्फ गुल्लू सरकार, मनोज के साथ।अन्य लोगों ने बीच बचाव किया जिससे अरुण शर्मा व संस्कार से मारपीट में चोट लगा है। प्रार्थी सनील की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 115(2), 296, 3(5), 351(3) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।
👉🏻 दूसरी एफआईआर
पहली एफआईआर को काउंटर करते दूसरी एफआईआर 27 अप्रैल को ही दोपहर 1: 38 बजे अभिषेक जायसवाल ने दर्ज कराया है। उसके मुताबिक वह अपनी गाडी से 26 मार्च के रात्रि 11.30 बजे अपने दोस्तों के साथ दोस्त नंदु श्रीवास को भगवा चौक छोडने गया था। उसी समय सनील चौरसिया के द्वारा हमको चिल्ला कर गाली गलौच कर रुकने को कहने लगा। गाडी को रोक कर उससे पूछा कि गाली किसको दे रहा है तब वो बालने लगा कि यहां हम लोग काम कर रहे हैं। तुम लोग यहीं से गाडी पार क्यो कर रहे हो तब उसके साथ सनील चौरसिया, अनिल चौरसिया, कौशल चौरसिया,सचिन चौरसिया व अन्य साथी के द्वारा गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देकर हाथ-मुक्का से मारपीट किये। सनील चौरसिया अपने बड़े भाई अनिल चौरसिया का रौब दिखाने लगा और बोलने लगा इनको जेल में डलवा दूंगा और बाद में देख लेने की धमकी देने लगा। मारपीट से सीने व शरीर के अन्य हिस्सा में चोट लगा है। मारपीट से अर्पित अग्रवाल, नंदु श्रीवास को चोट आई है। इस मामले में बीएनएस की धारा 115(2), 296, 3(5), 351(3) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।
👉🏻 पड़ताल करने गई पुलिस पर हमला, तीसरी एफआईआर
इसका प्रार्थी चौकी रजगामार में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 168 कृष्ण कुमार है। चौकी रजगामार में दर्ज अप. क्र. 174/2026 के आरोपीगणों अर्पित अग्रवाल, साहिल दास, अभिषेक जायसवाल, नित्यानंद श्रीवास, गजेन्द्र भार्गव को तलब करने जाने पर पुलिस को सहयोग न करने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुये तलब करने तथा विवेचना कार्य में सहयोग करने थाना बालकोनगर के एएसआई अजय सिंह, महिला प्रधान आरक्षक 384 आरक्षक 514, 468 आमद आये थे। आरोपीगण साहिल दास, अर्पित अग्रवाल तथा अभिषेक जायसवाल पूर्व में हत्या के आरोप में जेल में निरूद्ध रहे तथा फरार रहे हैं। चौकी प्रभारी के द्वारा आरक्षक को उक्त स्टाफ के साथ उक्त आरोपीगणों को तलब करने रजगामार की ओर से भेजा गया था। आरोपी साहिल दास तथा अर्पित अग्रवाल के परिजन उसके माता-पिता, बुआ, अर्पित अग्रवाल तथा साहिल दास महंत के माता- पिता, बहन के द्वारा पुलिस के शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर पुलिस को सहयोग न कर गाली- गलौच तथा मारपीट की गईं। उनके मारपीट से आरक्षक को दांये हाथ में चोट लगा तथा अन्य स्टॉफ को भी चोटें आयी है। ये लोग बोलने लगे कि तुम लोग हमारे घर में बिना कारण के आये हो, तुम लोगों की नौकरी खा जाएंगे तथा वरिष्ठ कार्यालय में तुम पुलिस वालों की शिकायत करेंगें कहकर धमकी देने लगे। आरक्षक की रिपोर्ट पर धारा 115(2), 132, 221, 296, 3(5), 351(2) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।
👉🏻 जमानत मिलने से पुलिस हतोत्साहित
हत्या जैसे गंभीर अपराध में संलिप्त अपराधियों के द्वारा सशर्त जमानत पर होने के बावजूद न सिर्फ गवाहों को प्रभावित कर अपहरण, धमकी, मारपीट कर हत्या का प्रयास करने की कोशिश की गई बल्कि पुलिस के साथ भी ऑन ड्यूटी मारपीट की गई। तब यह पूरा मामला और भी गंभीरतम हो जाता है। ऐसे गंभीरतम मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए आरोपियों को फिर से जमानत मिल जाने से पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा जहां हतोत्साहित हुई है वही कहीं ना कहीं अपराधियों को भी बल मिला है। इसकी चर्चा रजगामार/ओमपुर घटनास्थल क्षेत्र में व्याप्त है कि जब ऐसे अपराधियों को जमानत मिल जाएगी तो भला उन्हें किस कानून का डर होगा…!






