👉🏻 घोषित विविध कार्यकारिणी में डगमगाया सन्तुलन,शहर और नए की भरमार
👉🏻दरी और झंडा उठाने वाले अनेक दरकिनार
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी की कोरबा जिले में विभिन्न मोर्चा और प्रकोष्ठों की कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही जिन्हें कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है उनकी सूची भी जारी कर दी गई है। सूची जारी होने के बाद इसकी चर्चा भी पार्टी के लोगों से लेकर राजनीति के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों में भी खूब हो रही है।
भाजपा महिला मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, भारतीय जनता युवा मोर्चा की कार्यकारिणी गठन को लेकर जिला अध्यक्ष से लेकर तमाम पदाधिकारी और इसमें जिनके नाम शामिल हैं, वे लोग इसे संतुलित तो बता रहे हैं किंतु दूसरी तरफ पार्टी के जानकारों द्वारा इसे गुटीय और असंतुलित कार्यकारिणी करार दिया जा रहा है।
जिन्हें पद मिला है उनमें खुशी की लहर है किंतु जो पार्टी-संगठन के लिए दरी बिछाने से लेकर डंडा और झंडा उठाने का काम वर्षों से करते आ रहे हैं, ऐसे कई जमीनी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि संगठनात्मक उम्र बीतने से पहले उन्हें एक बार संगठन में पद जरूर मिलेगा, उनमें मायूसी छाई हुई है।हालांकि वह अपने इस मायूसी का खुलकर इजहार नहीं कर पा रहे हैं किंतु उनका मन जरूर टूटा है।
इसी प्रकार ऐसे लोग इस कार्यकारिणी को लेकर नाराज भी हैं कि कुछ मामलों में मंडल अध्यक्ष से पूछा नहीं गया और नियुक्ति कर दी गई। कुछ मामलों में ऐसे लोग नियुक्त कर दिए गए हैं जिनका संगठन में फिलहाल तक कोई योगदान दूर-दूर नहीं रहा। वे दूसरे दल से भाजपा में हाल फिलहाल शामिल हुए हैं।
कुछ ऐसे भी नाम हैं जिनके बारे में कहा जा रहा है कि जिन्होंने पार्टी के लिए कभी कुछ नहीं किया, लेकिन सत्ता की चासनी में डूबने के लिए जिला संगठन से तालमेल बिठाकर पद का ठप्पा हासिल कर लिए हैं। युवा मोर्चा की कार्यकारिणी को लेकर चर्चा है कि इसमें शहर को ज्यादा तवज्जो मिली है तो महिला मोर्चा की कार्यकारिणी को लेकर रामपुर विधानसभा क्षेत्र के पार्टीजनों का कहना है कि कई ऐसे नाम शामिल हैं जिन्हें कोई जानता तक नहीं। ग्रामीण क्षेत्र के कुछ पदाधिकारी को लेकर सोशल मीडिया में भी सवाल उठे हैं कि आखिर यह कौन लोग हैं ? अर्थात कई ऐसे चेहरों को विविध मोर्चा-प्रकोष्ठ में शामिल कर लिया गया है, जिनका ना तो बीते चुनावों के दौरान पार्टी प्रत्याशी को सहयोग मिलता रहा और ना ही वे संगठन के काम आए हैं, बल्कि पूर्ण रूप से नए चेहरे हैं। वैसे, रामपुर विधानसभा क्षेत्र के मामले में जिला अध्यक्ष का खासा अनुभव है क्योंकि वह क्षेत्रीय विधायक रहे ननकीराम कंवर के दो बार चुनाव संचालक भी थे। इसके बावजूद कई नए चेहरों को उन्होंने शामिल कर पुराने अनेक दावेदारों को दरकिनार कर दिया है। पार्टी के ही लोगों का दावा है कि जिन्हें पद दिया गया है, उनमें से कई को तो स्वयं जिला अध्यक्ष भी नहीं जानते।
👉🏻 कटघोरा में अलग माहौल

कार्यकारिणी गठन को लेकर कटघोरा मंडल अध्यक्ष अनुराग दुहलानी के नाम पर कुछ अलग ही माहौल बना हुआ है। एक तरफ जहां सोशल मीडिया फेसबुक पर उनके द्वारा डाले गए उम्र के हिसाब से उनकी आयु निर्धारित मापदंड के अनुसार 35 वर्ष से ऊपर हो चुकी है,फिर भी उन्हें अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। इसी तरह चुनाव के दौरान भाजपा से ज्यादा कांग्रेस के लोगों से नजदीकियां रखने का उन पर तोहमत लग चुका है। वह उस दौरान भी काफी चर्चा में रहे जब तत्कालीन कांग्रेस विधायक मोहितराम केरकेट्टा के स्वागत में फूल माला पहनाते दिखे। चर्चा है कि उनके आयु संबंधी फैक्टर और कांग्रेस से नजदीकियों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक मौखिक शिकायत पहुंच चुकी है और अगला निर्णय उनका ही होना है। इसी तरह ब्लॉक के एक मंडल अध्यक्ष को लेकर भी चर्चा है कि वह ब्लॉक युवा कांग्रेस का अध्यक्ष रहा है और भाजपा में आने के बाद उसे पहले ही बार में पद नवाज दिया गया तो क्या बाकी पुराने कार्यकर्ता यूं ही इंतजार करने के लिए हैं? कुल मिलाकर कई पदों पर अंधा बांटे रेवड़ी, अपने-अपने को दे…. वाला हिसाब किताब चला है।





