KORBA: RES की मशीन खराब तो गुणवत्ता जांच कैसे?
👉🏻6 महीने से क्वालिटी टेस्टिंग मशीन बंद होने की चर्चा ने खड़े किए सवाल
कोरबा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखने के लिए जिम्मेदार विभाग में इस्तेमाल होने वाली क्वालिटी टेस्टिंग मशीन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय कार्य से जुड़े लोगों में चर्चा है कि गुणवत्ता जांच में इस्तेमाल होने वाली मशीन पिछले छह महीने से अधिक समय से खराब है। यदि यह बात सही है तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस दौरान हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच आखिर किस तरीके से की गई?
कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, कोरबा द्वारा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के मध्य किए गए सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परीक्षण सवालों के दायरे में है। परीक्षण में उपयोग की गई मशीन की स्थापना प्रमाण-पत्र, वर्तमान स्थिति तथा मशीन के फोटो की प्रमाणित छायाप्रति की जांच जरूरी हो चली है।
सूत्र बताते हैं कि वास्तव में छह महीने या उससे अधिक समय से परीक्षण मशीन खराब है तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि इस अवधि में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अंतर्गत हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच किस उपकरण से की गई। क्या दूसरी मशीन की व्यवस्था की गई थी? यदि हां, तो उसका रिकॉर्ड क्या है? और यदि दूसरी मशीन उपलब्ध नहीं थी तो गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई?
👉🏻कहीं गुणवत्ता जांच सिर्फ कागजों में तो नहीं?
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता जांच केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकारी राशि के सही इस्तेमाल और निर्माण की मजबूती से सीधे जुड़ा विषय है। ऐसे में मशीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सवाल सिर्फ मशीन के खराब होने का नहीं, बल्कि यह भी जानना जरूरी है कि मशीन खराब थी तो गुणवत्ता जांच किस आधार पर हुई? मौके पर कौन गया? किस उपकरण से परीक्षण किया गया? रिपोर्ट किसने तैयार की? और क्या संबंधित गुणवत्ता जांच वास्तव में हुई भी थी? इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से संवादहीनता के कारण उनका पक्ष नहीं आ सका है।






