👉🏻 अवैध तरीके से प्रचार-प्रसार सामाग्री लगाने वालों पर नहीं कोई लगाम
कोरबा। कोरबा शहर के एक हिस्से को सजाने-सँवारने की कवायद जोरो पर है तो बाकी इलाके कतार में हैं। सौंदर्यीकरण के नाम पानी की तरह पैसा तो बहाया जा है साथ ही सुविधा और उपियोगिता बढ़ाने के लिए भी कार्य हो रहे हैं। लाखों-करोड़ों रुपये सौंदर्यीकरण में खर्चने के उद्देश्य को चंद लोग पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इनमे अच्छी-खासी भूमिका प्रचार-प्रसार वाले निभा रहे हैं जिनके तरीके निगम निर्धारित और एम आई सी से पारित नियम का सीधा उल्लंघन है।

इन्हें कोई भी खम्भा मिल जाये,छोड़ते नहीं, और इनके प्रचार सामग्री को अवैध तरीके से लगाने वाले का न तो निगम को पता है और न कोई जानकारी,जिसकी वजह से वह कीमती पौधों को भी नहीं बख्श रहा। अब जिम्मेदारी किस पर तय होगी, लगाने वाले की/लगवाने वाले की या निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले की। हाल ही में ऐसा होने पर खबर प्रकाशन के बाद निगम ने भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम वाले पोस्टर पौधों से निकलवाए थे लेकिन अभी फिर यह नजारा अन्य जनप्रतिनिधि का भी नजर आया है।
खैर, सर्वमंगल कोरबा के नाम से ओव्हरब्रिज जैसी ऊंचाई पर लगा होर्डिंग जब इनसे नहीं बच सकता तो सड़क के पौधों की क्या बिसात? जिन्हें शहर का कबाड़ा करना है, वे अपनी भूमिका निभा कर ही मानते हैं फिर वे कोई भी हों।






