👉🏻 मजदूर की मौत के बाद पोस्टमार्टम के नाम परिजनों को दिया था धोखा
👉🏻शिकायत पर शव का उत्खनन कर दोबारा कराया गया पीएम,करंट से मौत का खुलासा
कोरबा-पाली। लेंटर ढलाई के दौरान मिक्सर मशीन के विद्युत लाइन के संपर्क में आने से मजदूर की मौत के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही परिजनों को “पोस्टमार्टम हो गया है” बताकर शव दफन करा दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने शव को कब्र से निकलवाया। पोस्टमार्टम उपरांत रिपोर्ट में मौत की वजह इलेक्ट्रिक करंट लगना सामने आने के बाद थाना पाली में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
जानकारी के मुताबिक मामला पाली थाना क्षेत्र के ग्राम नगोई का है। ग्राम पोड़ी मड़वामहुआ निवासी पूर्णिमा श्याम पति स्व. नवीन कुमार गोंड, 23 वर्ष ने 19 जून 2026 को थाना पाली में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
👉🏻15 जून को लेंटर ढलाई के लिए गया था नवीन
शिकायत के अनुसार 15 जून 2026 को उसका पति नवीन कुमार अपने साथी राजकुमार, सोनसरी के राजेश आदि के साथ नगोई गया था। वह ग्राम नगोई में लेंटर ढलाई के लिए मजदूरी करने मिक्सर मशीन मालिक विकास उईके पिता समपाल उईके के साथ ग्राम नगोई गया था। वहां लेंटर ढलाई का काम चल रहा था। ढलाई के दौरान मिक्सर मशीन को लेंटर के लेवल पर सेट करने के लिए नवीन मशीन पर काम कर रहा था। इसी दौरान मिक्सर मशीन का ऊपरी हिस्सा विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया। मशीन में करंट प्रवाहित होने से नवीन उसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही बेहोश हो गया। हादसे के बाद उसे तत्काल करीब दोपहर 1.30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
👉🏻“पीएम हो गया है” कहकर शव ले गए
मृतक की पत्नी का आरोप है कि नवीन की मौत के बाद मिक्सर मशीन मालिक विकास उईके ने उसके ससुर और अन्य परिजनों के हस्ताक्षर अस्पताल में कराए। पत्नी व परिजनों से कहा गया कि पोस्टमार्टम हो चुका है और शव सुपुर्दनामा लेकर घर चलते हैं। परिजन इस बात पर भरोसा कर शव को घर ले गए और घटना की रात ही उसका कफन-दफन कर दिया। लेकिन बाद में परिजनों को पता चला कि नवीन के शव का पोस्टमार्टम हुआ ही नहीं था और घटना की सूचना थाना में भी नहीं दी गई थी। इसके बाद मृतक की पत्नी ने पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की। शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर भी इसमें शामिल रहे, जिसकी जांच आवश्यक है।
👉🏻कब्र से निकाला शव, फिर हुआ पोस्टमार्टम

शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। दफनाए जा चुके शव का विधिवत उत्खनन करा शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नवीन कुमार की मौत इलेक्ट्रिक करंट लगने से होना लेख किया गया। पीएम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने मिक्सर मशीन के मालिक विकास उईके व मिक्सर मशीन ऑपरेटर के विरुद्ध धारा 106(1), 238 और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
👉🏻 अस्पताल की भूमिका सवालों में
अब पुलिस हादसे से लेकर नवीन कुमार के अस्पताल पहुंचने, कथित तौर पर पोस्टमार्टम होने की जानकारी दिए जाने, शव परिजनों को सौंपे जाने और रात में दफनाए जाने तक की पूरी कड़ी को जोड़कर जांच कर रही है। इस मामले का सबसे गंभीर पहलू अस्पताल में शव के पोस्टमार्टम को लेकर उठे सवाल हैं। मृतक की पत्नी ने शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की है। पुलिस के सामने अब यह भी जांच का विषय है कि अस्पताल में नवीन कुमार की मौत के बाद क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई गई, घटना की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दिया,किसने शव परिजनों को सौंपा और पोस्टमार्टम नहीं होने के बावजूद परिजनों को ऐसी जानकारी कैसे दी गई?






