कोरबा। जिला भाजपा में ऊपर-ऊपर सब कुछ अच्छा लेकिन अंदरूनी तौर पर काफी कुछ अभी यहां सिलसिलेवार चल ही रहा है। नए भवन के लिए भूमि पूजन को लेकर घटित घटनाक्रम शहर से लेकर संगठन तक चर्चा में हैं तो दूसरी तरफ चर्चित घटनाओं के बीच आयोजन के मंच से चौंकाने वाली दो तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर न सिर्फ पोस्टर वार का परिणाम है बल्कि यह सवाल उठाने के लिए काफी है कि आने वाले दिनों में जिला भाजपा की राजनीति का ऊँट किस करवट बैठेगा…? जिले में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय की एंट्री होते ही अलग सी खलबली मची रही। यह सतह पर तो नहीं आया लेकिन अंदर ही अंदर खलबलाहट जरूर रही जो पहले आमंत्रण कार्ड और फिर मंच पर नजर आई।
👉🏻 10 मिनट में खेला हो गया,सब मौन साधे रहे

2 फरवरी को नया भवन का भूमि पूजन के अवसर पर 10 मिनट के भीतर ऐसा खेल हो गया जो चकित कर देने वाला था। दरअसल, मंच पर अतिथियों की कुर्सी के पीछे एक बड़ा सा फ्लेक्स/पोस्टर लगाया गया जिसमें मंत्री लखन लाल देवांगन और जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी के बड़े चेहरे सुशोभित हो रहे थे।कार्यक्रम प्रारंभ होने तक यह पोस्टर लोगों को नजर आता रहा लेकिन जैसे ही अतिथियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय का आगमन हुआ, उसके 10 मिनट के बाद ही कार्यक्रम की गहमा-गहमी के मध्य पोस्टर बदल गया। बमुश्किल 10 मिनट के अंतराल में पहले वाला पोस्टर हटाकर दूसरा पोस्टर लगा दिया गया जिसमें मंत्री और अध्यक्ष की जगह सरोज पांडेय नजर आती रहीं। यह क्यों और किसके इशारे पर हुआ, यह पार्टी का अंदरूनी मामला है लेकिन जिनकी भी निगाह पहले और बाद के पोस्टर पर पड़ी, वह इतना तो जरूर समझ गए कि जिला भाजपा की राजनीति बड़ी तेजी से करवट ले रही है। अपने नेता के आने से समर्थक का उत्साह तो बढ़ता ही है। कुछ ऐसा ही उत्साह मंच पर संचालन को लेकर नजर आया जहां परिपाटी से हटकर जिला मंत्रियों की जगह पूर्व अध्यक्ष ने सन्चालन सम्भाला।
👉🏻 भविष्य की जमीन तैयार कर रहे
तीन अलग-अलग गुटों में जिला भाजपा की मौजूदा राजनीति बंटती हुई नजर आ रही है (भविष्य का भरोसा नहीं)। तीनों ही गुट अपनी डफली-अपना राग की तर्ज पर काम कर रहे हैं। कोई सत्ता तो कोई सन्गठन और कोई केन्द्र की सीधी दखल के जरिये अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में लगे हैं। यह दखलंदाजी आगामी चुनाव में दमदारी दिखाने से पहले पूरे रुआब में आने को लेकर भी हो सकती है या कुछ और भी….। चर्चा तो इस बात की भी है कि आगामी चुनाव से पहले अपनी-अपनी गुटीय जमीन मजबूत की जा रही है ताकि अपने समर्थकों के माध्यम से समर्थन का मजबूत ताना-बाना बुना जा सके और चुनाव के वक्त इसे वोट में कन्वर्ट कर लिया जाए। हालांकि, चुनाव में अभी वक्त है लेकिन वक्त रहते तैयारी भी जरूरी है।
👉🏻नदारद रहे चर्चित चेहरों वाले पोस्टर
वैसे, इस बार जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य पदाधिकारियों का आगमन कोरबा जिले में हुआ तो वह चर्चित चेहरे पोस्टरों से गायब नजर आए जो बात-बात पर अपना चेहरा लगवा कर हार्दिक अभिनंदन और बधाई देते नहीं थकते। नरेंद्र देवांगन, नरेंद्र पाटनवार और प्रफुल्ल तिवारी वाले पोस्टरों का इस बार जगह-जगह नजर नहीं आना भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।





