👉🏻 15 अक्टूबर से शुरू हो रही भव्य रामलीला, मंत्री-महापौर ने भव्यता प्रदान करने अपील की,16 को आएंगे हनुमान अंश के मुख्य पात्र
कोरबा। रामलीला के मंच पर जब एक मच्छर ने भगवान श्री राम का किरदार निभा रहे कलाकार को परेशान किया तो उस वक्त वह बड़े ही परेशान हुए लेकिन बड़ी सहजता से अपने किरदार को निभाया। एक कलाकार जब अपने किरदार को निभाने की भूमिका में रहता है तो उसे सब कुछ भूल कर अपने किरदार को जीवंत करना होता है, फिर चाहे उसे दौरान मच्छर काटे या कोई कीड़ा।
अपने इस सत्य अनुभव को साझा किया टीवी कलाकार देवेश नागर मुंबई ने, जो कि नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा लगातर दूसरे वर्ष डा. भीमराव अंबेडकर ओपन एयर ऑडिटोरियम में होने जा रही श्री रामलीला में भगवान श्री राम का किरदार निभाने के लिए आये हुए हैं। 50 से 60 लोगों की मंडली इस रामलीला का भव्य और दिव्य मंचन 15 अक्टूबर से करने जा रही है जिसका समापन 20 अक्टूबर को रावण वध व रावण दहन के साथ संपन्न होगा।
इसके पूर्व पंचवटी विश्रामगृह में पत्रवार्ता आहूतकर रामलीला के संबंध में अवशयक जानकारी प्रदान की गई। कोरबा विधायक व केबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि निगम द्वारा रामलीला आयोजन के लिए पहले भी बातें हुई थी/चर्चा हुई थी किंतु माहापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत के प्रथम कार्यकाल में भगवान श्री राम की कृपा से ऐसा अवसर निर्मित हुआ। पिछले वर्ष सफल आयोजन के साथ इस बार दूसरा आयोजन हम करने जा रहे हैं। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने आयोजन को भव्य तथा विशालता प्रदान करने की अपील नगर व जिलावासियों से करते हुए कहा कि वे सपरिवार रामलीला का आनंद लें तथा भगवान श्रीराम को आत्मासात करें।
रामलीला मंडली की प्रमुख तन्नूप्रिया ने बताया कि यह बनारस की प्रासिद्ध रामलीला मंडली है जो कई जगह लीला करती आई है। कोरबा जिले में उनका यह दूसरा अवसर है। उन्होंने नगर निगम द्वारा कराए जा रहे आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी जो मोबाइल और कार्टून की दुनिया में मगन है, मोबाइल में ही भगवान को कार्टून के रूप में देखती है, जबकी उन्हें यह समझना होगा कि भगवान राम, भगवान कृष्ण कार्टून नहीं बल्कि चरित्र हैं। सनातन धर्म और परंपरा को आज की तकनीकी युग वाले युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। युवा पीढ़ी राममिला जैसे आयोजन से जुड़े, अपने सनातन धर्म और भगवान को जाने, इसके लिए इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिएं।
पत्रवार्ता के दौरान जब श्रीराम का किरदार निभा रहे देवेश नागर से सवाल किया गया कि वे जब प्रभु राम के किरदार में रहते हैं तो कैसा महसूस करते हैं? उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि प्रभु श्री राम का किरदार निभा रहा हूं, जो भगवान श्रीराम का ही आशीर्वाद है। किरदार को निभाते वक्त वे उनके ही चरित्र में डूब जाते हैं फिर दूसरा कोई चरित्र याद नहीं रहता। उन्होंने दो अलग-अलग प्रसंग का जिक्र करते हुए बताया कि पिछली बार जब कोरबा की ही रामलीला के मंच पर वे भगवान श्री राम के किरदार में पहुंचे और आरती हो रही थी। ठीक उसी दौरान एक मच्छर आकर उनकी आंख से टकरा गया। अब ऐसे में वह अपने किरदार से परे जाकर ना तो उस मच्छर को भगा सकते थे, ना मार सकते थे, आंसू वह निकले लेकिन किरदार को नहीं छोड़ा। दूसरा प्रसंग बताया, जब भगवान शिव का धनुष तोड़कर माता सीता के साथ स्वयंवर करना था। जैसे ही वह धनुष तोड़ने के लिए आगे बढ़े, ठीक उसी वक्त उनके वस्त्र में कोई कीड़ा घुस गया, लेकिन उसे कीड़े की वजह से धनुष तोड़ने का प्रसंग वे छोड़ नहीं सकते थे। ऐसे हालात निर्मित होते हैं किंतु जो किरदार मिला है उस किरदार को निभाना ही पड़ता है।
देवेश नगर की इन बातों को सुनकर उपस्थितजन, निगम के अधिकारी व जनप्रतिनिधि हंस पड़े। लोगों ने अप्रत्यक्ष रूप से नगर निगम क्षेत्र में व्याप्त मच्छरों की समस्या पर भी चुटकी ले ली। पटवार्ता से पहले मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी, प्रदेश पदाधिकारी डॉ. राजीव सिंह आदि का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया।






