🫵🏻पड़ोसी जिले के तस्करों की कोरबा वन मण्डल के भी जंगलों में दखल, अधिकारी व अमला सुस्त
कोरबा। कोरबा वन मंडल में डीएफओ प्रेमलता यादव की पदस्थापना के बाद भी लकड़ियों की तस्करी और वृक्षों की अवैध कटाई के मामले कम होते नजर नहीं आ रहे हैं। जंगलों के भीतर से काटे गए अवैध वृक्षों को चीर-फाड़ कर सिलपट बना देने के बाद उसे बाहर खपा भी दिया जा रहा है लेकिन कमजोर मुखबिरी के कारण तथा सांठगांठ पूर्वक कार्य होने की वजह से चुनिंदा मामले पकड़ कर वाहवाही लूटने का ही काम हो रहा है। विभाग द्वारा थोड़े बहुत मामले जरूर पकड़े जाते हैं किन्तु उससे कई गुना ज्यादा मात्रा में वृक्षों की अवैध कटाई और तस्करी हो रही है। पड़ोसी जिले के लकड़ी तस्कर यहां सक्रिय हैं।
इस क्रम में कोरबा वन मंडल के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र करतला में भारी मात्रा में आये दिन पेड़ों की कटाई से वनों को काफी क्षति हो रही है और इससे पर्यावरण बहुत प्रभावित हो रहा है। लकड़ी तस्कर इतने सक्रिय हैं कि रातों-रात हरे-भरे पेड़ों को काटकर लकड़ी ट्रकों में भरकर नौ दो ग्यारह हो जाते हैं और वन विभाग के मैदानी कर्मी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं।
इसी बीच 1 मार्च को रात के समय लकड़ी तस्करों की एक गाड़ी करतला वनपरिक्षेत्र के अधिकारियों के द्वारा सूचना पर पकड़कर जब्त किया गया। मामला करतला वनपरिक्षेत्र का है जहां बरपाली बीट के ग्राम सण्डैल में तस्करों द्वारा हरे-भरे पेड़ को काटकर एक ट्रक के बराबर लकड़ी लोड किया जा रहा था। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को मिलने पर उप वनमंडलाधिकारी दक्षिण कोरबा द्वारा मौके पर टीम गठित कर धावा बोला गया।

मौके पर टाटा माजदा गाड़ी में लकड़ी लोड कर रहे लोगों से पूछताछ किया गया तथा दस्तावेज की मांग की गई। कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर लकड़ी लोड करते हुए टाटा माजदा गाड़ी क्रमांक CG16CJ1651 को लकड़ी सहित जब्त कर कार्यवाही के लिए कोरबा वन डिपो भेज दिया गया।

यहाँ पर अक्षय कुमार पिता बीर सिंह सतनामी, ग्राम पचपेड़ी जिला बिलासपुर के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। गठित टीम में प्रभारी वनपरिक्षेत्र अधिकारी श्रीमती अर्चना पैकरा, कपिल कुमार कंवर , हरिनारायण बंजारे, विजेंद्र नेटी, चंद्रशेखर कंवर, प्रतीक तिवारी का विशेष योगदान रहा।




