👉🏻वर्तमान और पूर्व कार्यकाल शिकायतों में उलझा
👉🏻गबन करने सचिव-सरपंच ने पंचों के खाते में कराया राशि आहरण
👉🏻जितेन्द्र की शिकायत पर जांच शुरू,कोसले ने की जांच की मांग
कोरबा। कोरबा लोकसभा के पूर्व सांसद स्व.डॉ. बंशीलाल महतो के द्वारा अपने कार्यकाल में कोरबा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत तिलकेजा को सांसद आदर्श ग्राम के रूप में चिन्हित किया गया। इसके साथ ही इस ग्राम पंचायत में विकास कार्यों का जो ताना-बाना बुना गया, उससे ऐसा लग रहा था कि इस आदर्श ग्राम पंचायत को विकास कार्यों से परिपूर्ण करते हुए समस्याविहीन पंचायत के रूप में विकसित कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। इस पंचायत को निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ-साथ शासन की ओर से पदस्थ किए जाने वाले सचिवों की मनमानी का शिकार होना पड़ा।आलम यह है कि आदर्श ग्राम पंचायत तिलकेजा विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का आदर्श पंचायत बनकर रह गया है। यह कहना कुछ गलत नहीं होगा कि यहां सांठगांठ करते हुए बड़े पैमाने पर लूट खसोट मचाई गई। अब शिकवा शिकायतों पर जांच का सिलसिला शुरू हुआ है तो कुछ मामलों में जांच के आसार हैं। ईमानदाराना और निष्पक्ष जांच हुई तो बड़े पैमाने पर घपले उजागर होंगे।
🫵🏻 सचिव-सरपंच का कलेक्टर जनदर्शन की जाँच में फूटा घड़ा?
ग्राम पंचायत तिलकेजा में 15वें वित्त आयोग और समग्र शिक्षा विभाग की शासकीय राशि के खुलेआम बंदरबांट का आरोप सचिव नविता दुबे, सरपंच तेरस बाई कँवर और उनके पति देवमूरत कंवर पर लगा है। आरोप है कि शासकीय धन के लोभ में इन तीनों ने न केवल अपने दायित्वों की बलि दे दी बल्कि पूरे तंत्र की आंखों में धूल झोंककर सरकारी खजाने में सेंध लगाई है।
इसका खुलासा तब हुआ जब जितेंद्र कुमार साहू ने लिखित शिकायत कलेक्टर के जनदर्शन में दर्ज कराई। शिकायत की जांच के लिए कलेक्टर के निर्देश पर गठित टीम में शामिल चतुरानन कंवर करारोपण अधिकारी और रामकुमार पैकरा वरिष्ठ करारोपण अधिकारी द्वारा पड़ताल की गई। अंतिम विस्तृत रिपोर्ट आना अभी बाकी है, लेकिन प्राथमिक जाँच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि वित्तीय नियमों के विपरीत सीधे निजी खातों में पैसा ट्रांसफर कराया गया है। सचिव नविता दुबे से मिलकर सरपंच तेरस बाई कँवर ने अपनी शक्तियों को पति के हाथों में सौंपकर और इस वित्तीय हेराफेरी में मौन सहमति देकर अपने पद की गरिमा को धूमिल किया है। पंच जमुना देवी जायसवाल और ग्राम सभा अध्यक्ष अनुसूईया कंवर के निजी खातों में वेंडर का पैसा ट्रांसफर होना बिना इनकी मिलीभगत के संभव ही नहीं था।
नियमतः जब सरपंच या उनके पति द्वारा राशि को निजी खातों में डालने का दबाव बनाया जा रहा था, तब सचिव को पुरजोर आपत्ति दर्ज करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जबकि, बिना सचिव के डिजिटल सिग्नेचर DSC और लॉगिन के एक रुपया भी इधर से उधर नहीं हो सकता। संवैधानिक रूप से पंचायत की कमान सरपंच तेरस बाई कँवर के हाथों में है, लेकिन धरातल पर काम उनके पति देवमूरत कंवर करते हैं। हालांकि देवमूरत कंवर स्वयं पंच हैं।
👉🏻 जनपद सदस्य कोसले ने पूर्व सरपंच के विरुद्ध मोर्चा खोला
दूसरी तरफ जनपद सदस्य किशन लाल कोसले ने पंचायत तिलकेजा में विगत 8 वर्षों में 14वें-15वें वित्त और मूलभूत योजना की राशि में भारी अनियमितता का दावा करते हुए कलेक्टर से उच्चस्तरीय जांच और एफआईआर की मांग की है। आरोप है कि पूर्व सरपंच कुलसिंह कंवर ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक ग्राम पंचायत को 14वें एवं 15वें वित्त सहित विभिन्न मदों में करीब 2 करोड़ 58 लाख 22 हजार 790 रुपये प्राप्त हुए। आरोप है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा विकास कार्यों में खर्च नहीं किया गया, बल्कि फर्जी तरीके से राशि आहरित कर उसका दुरुपयोग किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई निर्माण कार्य कागजों में दिखाए गए, जबकि धरातल पर उनका अस्तित्व नहीं है।
जनपद सदस्य ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में एक ही कार्य के लिए दो से तीन बार राशि निकाली गई, जबकि कई स्वीकृत कार्य शुरू तक नहीं हुए। दावा है कि लगभग 32 लाख रुपये का कोई कार्य नहीं कराया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि इतनी बड़ी राशि का सही उपयोग होता तो ग्राम पंचायत तिलकेजा में आज मूलभूत सुविधाओं की कमी नहीं रहती।
जनपद सदस्य ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, कथित गबन की राशि शासन के खाते में वापस जमा कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।







