0 3 मार्च विश्व वन्यजीव दिवस पर जितेंद्र सारथी दी जिले वासियों को बधाई
कोरबा। छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध क्षेत्र है,घने जंगलों, गगनचुंबी पहाड़ों और प्राकृतिक जल स्रोतों से परिपूर्ण यह क्षेत्र अनेक दुर्लभ वन्य जीवों और वनस्पतियों का आश्रय स्थल है,यहां हाथी(Asian Elephant), भालू(Sloth bear), तेंदुआ(Leopard), शाही(porcupine), कहट(pangolin), ऊदबिलाव (Otter), बज्जू (Asian palm civet), कबर बज्जू (Honey badger), उड़न गिलहरी (Flying squirrels), किंग कोबरा(King Cobra)सहित विभिन्न प्रकार के सरीसृप, पक्षी एवं औषधीय पेड़-पौधे पाए जाते हैं। इन जीवों की उपस्थिति से कोरबा का जंगल जीवंत और चहकता रहता है। इस बीच में कई बार बाघ(Tiger) और गौर(Indian Bison) की मौजूदगी भी कटघोरा क्षेत्र के जंगलों में देखने को मिलती हैं, जो बहुत अच्छा विषय हैं।
जिले में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजाति के पक्षियों की भी मौजूदगी हैं साथ ही कई प्रजाति के उल्लू कि भी अच्छी खासी संख्या हैं जो प्रकृति को संतुलन करने में अपनी एहम भूमिका निभाते हैं।
जितेंद्र सारथी ने कहा कि कोरबा की यह प्राकृतिक समृद्धि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, वन्य जीवों और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए गांव और शहर दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को समान रूप से समर्पित होकर कार्य करना होगा,उन्होंने अपील की कि किसी भी वन्य जीव को नुकसान न पहुंचाया जाए तथा घायल या संकटग्रस्त जीव दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दी जाए,अवैध शिकार और पर्यावरण क्षति के विरुद्ध जनभागीदारी ही संरक्षण की सबसे बड़ी शक्ति है। वन्य जीव बचेंगे तो जंगल बचेंगे, और जंगल बचेंगे तो हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।




