👉🏻 कांग्रेस पार्षदों ने संयुक्त बयान में की जांच की मांग
कोरबा। नगर पालिका परिषद बाँकीमोंगरा में वर्तमान में जो लेटर- लेटर खेला जा रहा है, इसकी बजाय जॉच करवाएं। अगर नेता प्रतिपक्ष के आरोप ग़लत हैं तो टेंडर का डेट और खोलने का डेट सार्वजनिक कर दें।इसके अलावा हमने ख़ुद अपने वार्ड के निर्माण कार्य ख़राब होने की शिकायत की है परंतु पालिका, शासन-प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया। और तो और बिल तक जारी कर दिया गया। इसके अलावा बिना कोई कारण बताए हमेशा टेंडर खोलने का दिनाँक बढ़ा दिया जाता है, इसी तरीक़े से नियम का पालन किया जा रहा है।
कांग्रेस पार्षद तेजप्रताप सिंह,बाल्की कुजूर,आशा साहू,संदीप डहरिया, तालिका साहू ने जारी संयुक्त बयान में कहा है कि- इसके अलावा प्रमोद सोना जो नेता प्रतिपक्ष को अपराधी प्रवृति का कह रहे हैं, उनको जानकारी के लिये बता दें कि यह देश संविधान से चलता है न कि बीजेपी के बनाये नियम से। इसके अलावा फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के सहारे चुनाव लड़ने का आरोप को पहले सिद्ध कर लें उसके बाद दूसरे के ऊपर आरोप लगाएं। हमारी सलाह है पहले जानकारी दुरुस्त कर लें फिर आकर भ्रम फैलायें। इसके अलावा ये कौन से विकास की बात कर रहे हैं जो केवल 3 महीने चल पा रहा है। इस पत्र में हस्ताक्षर करने वाले दिव्या ने कुछ दिन पहले ही जब बिलासपुर से अधिकारी आए थे तो उसके वार्ड के ख़राब सड़क को लेकर शिकायत दर्ज करवा रही थीं। इसके अलावा प्रमोद सोना से भी निवेदन है कि चौपाटी की उखड़ती सड़क को भी देख लें और विकास देखना है तो चण्डी मंदिर के पास भी सड़क बना है, वह भी देख लें। और तो और पार्षद इंद्रदीप भी देख लें कि 4 नंबर खदान के पास से लेकर पुरेना तक की सड़क की स्थिति, नया बनने के नाम पर गड्ढों का रिपेयरिंग हुआ है।कुल मिलाकर भगवान भरोसे नगर पालिका चल रही है। हम पार्षदों को 4 लेटर बुक दिये हैं जिसमें केवल लिखो और शिकायत करो, होना कुछ नहीं है …!
कांग्रेस पार्षदों ने कहा है कि नगर पालिका अगर इतना ही साफ़-सुथरा है तो पिछले डेढ़ वर्षों में हुए समस्त विकास कार्यों की गुणवत्ता की तीसरे एजेंसी से जाँच करवाये एवं जाँच प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी करवाई जाए। यह जनप्रतिनिधियों के समक्ष हो जिससे प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष रहे। साथ में आज दिनाँक तक जितने भी कार्यों का टेंडर जारी किया गया, उसकी आज तक भौतिक स्थिति क्या है? अगर कार्य पूर्ण नहीं हुआ है तो क्यों नहीं हुआ है, इसकी ज़िम्मेदारी जिस किसी भी व्यक्ति की होती है, उसके ऊपर कार्यवाही निष्पादित किया जाए।
ये जो भी पत्र व्यवहार हुए हैं वह दबाव की राजनीति को दर्शाते हैं।हमारे नेता प्रतिपक्ष की लड़ाई मनमर्ज़ी एवं दबाव की राजनीति के ख़िलाफ़ है जिस वजह से विपक्षी पार्षदों को शासन का डर एवं दबाव दिखा कर यह गंदा खेल, खेला जा रहा है।






