PNC में हाई पावर कमेटी वेतन, बकाया भुगतान, बोनस और स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार की मांग; 29 अक्टूबर को CGM कार्यालय में होगी चर्चा
कोरबा। SECL बिलासपुर के CMD के गेवरा खदान दौरे के बीच मंगलवार को भू-विस्थापित श्रमिकों और स्थानीय बेरोजगारों की मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल के नेतृत्व में श्रमिकों ने करीब 6 घंटे तक खदान में काम बंद कराकर आंदोलन किया। इसके बाद SECL प्रबंधन और निजी ठेका कंपनी PNC के अधिकारियों ने श्रमिकों से चर्चा की। 29 अक्टूबर को SECL गेवरा के CGM कार्यालय में वार्ता कर मांगों के निराकरण का आश्वासन मिलने पर हड़ताल स्थगित कर दी गई।
छह महीने से मांगें लंबित, दो महीने का भुगतान भी बाकी
गेवरा खदान में PNC सहित अन्य निजी कंपनियों में कार्यरत भू-विस्थापित श्रमिक पिछले कई महीनों से अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन और संबंधित कंपनियों से पत्राचार कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में हाई पावर कमेटी के अनुसार वेतन, भविष्य निधि (PF), सुरक्षा व्यवस्था, बोनस, वेतन पर्ची, जॉइनिंग लेटर और दो महीने से लंबित वेतन का भुगतान शामिल है। श्रमिकों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद सुनवाई नहीं होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
अजय जायसवाल के नेतृत्व में खदान पहुंचे श्रमिक
मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज श्रमिकों ने पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इसके बाद 27 अक्टूबर को जायसवाल श्रमिकों के साथ गेवरा खदान पहुंचे और विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। आंदोलन तेज होने के साथ हेल्पर, ड्राइवर सहित विभिन्न कार्यों में लगे श्रमिकों ने काम बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब छह घंटे तक कामकाज प्रभावित रहा।
प्रबंधन और कंपनी के अधिकारियों ने की पहल

आंदोलन के बाद SECL प्रबंधन और PNC कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने श्रमिकों से बातचीत कर हड़ताल स्थगित करने का आग्रह किया। चर्चा के दौरान 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे SECL गेवरा के CGM कार्यालय में वार्ता आयोजित करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने श्रमिकों की मांगों पर चर्चा कर उनके निराकरण का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
इन मांगों पर होगी चर्चा
आगामी वार्ता में श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार वेतन देने, सभी श्रमिकों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, वेतन पर्ची और जॉइनिंग लेटर देने, बोनस तथा लंबित भुगतान का निराकरण करने और स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। अब श्रमिकों की निगाहें 29 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर टिकी हैं। आंदोलन के बाद मिले आश्वासन से वार्ता का रास्ता तो खुला है, लेकिन श्रमिकों की मांगों पर ठोस निर्णय और उनका क्रियान्वयन ही इस पहल की असली सफलता तय करेगा।
ये रहे आंदोलन में शामिल
प्रदर्शन में अजय जायसवाल, पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा के साथ शेत मसीह, मधुसूदन दास, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत, संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर सहित बड़ी संख्या में श्रमिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।





