दो-दो प्राथमिक शालाएं संचालित, फिर भी पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और पोषण आहार के लिए तरस रहे मासूम, प्रशासन की उपेक्षा पर जनाक्रोश
कोरबा-दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका अंतर्गत आने वाला वार्ड क्रमांक 01 (शहीद वीर नारायण सिंह वार्ड) क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से पूरे नगर पालिका का सबसे बड़ा वार्ड है विडंबना और दुर्भाग्य की बात यह है कि इतने विस्तृत भू-भाग और विशाल आबादी वाले वार्ड में आज तक एक भी आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित नहीं किया जा सका है इस गंभीर जनसमस्या और मासूम बच्चों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को लेकर वार्ड क्र. 01 के पार्षद कमलेश कुमार जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाया है और सीधे कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला-कोरबा को पत्र/ज्ञापन सौंपकर तत्काल आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत करने की मांग की है ।
पार्षद कमलेश जायसवाल ने नगर प्रशासन और शासन की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वार्ड क्रमांक 01 में दो-दो शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल सफलतापूर्वक स्थापित व संचालित हैं लेकिन पूर्व-प्राथमिक शिक्षा (Pre-primary Education) कुपोषण से बचाव और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास का मुख्य केंद्र आंगनबाड़ी ही नदारद है इसके कारण क्षेत्र के छोटे-छोटे मासूम बच्चों के सर्वांगीण विकास पर अत्यंत प्रतिकूल और विपरीत प्रभाव पड़ रहा है ।
प्रमुख बिंदु एवं मुख्य मुद्दे:-
1. क्षेत्रफल में सबसे बड़ा सुविधा में शून्य:- वार्ड 01 दीपका का सबसे बड़ा क्षेत्र है इसके बावजूद यहाँ के बच्चे आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत शासकीय योजना से वंचित हैं ।
2. प्रशासनिक उपेक्षा:- पार्षद द्वारा पूर्व में भी नगर प्रशासन से लिखित आवेदन एवं मौखिक चर्चा के माध्यम से आंगनबाड़ी खोलने की गुहार लगाई जा चुकी है परंतु अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं देखी जा रही है ।
3. मासूमों व माताओं के स्वास्थ्य पर प्रभाव:- आंगनबाड़ी केंद्र न होने से 0 से 6 वर्ष के बच्चों गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को मिलने वाले पोषण आहार और स्वास्थ्य परामर्श का लाभ नहीं मिल पा रहा है ।
4. कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग:- पार्षद ने पत्र क्रमांक 115 के माध्यम से जिलाधीश कोरबा से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द वार्ड 01 में आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत व संचालित कराने की मांग की है।वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल ने कहा यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस वार्ड में दो-दो प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं वहां के मासूम बच्चों को आंगनबाड़ी की सुविधा तक नसीब नहीं हो पा रही है कब तक हमारे वार्ड के बच्चे अपने मूलभूत अधिकारों से वंचित रहेंगे? आवेदन और मौखिक चर्चा के बाद भी प्रशासन मौन है यदि जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत नहीं किया गया तो हमें जनता के हित में उग्र रास्ता अपनाना पड़ेगा ।











