कोरबा। कोरबा जिला के ग्राम पंचायत रजगामार के अंतर्गत गाँव-आमाडांड में शमशान घाट के मठ को तोड़ने एवं शमशान घाट में कब्जा करने के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही बाबत मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है।
सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामवासियों ने बताया कि पंचायत रजगामार के अंतर्गत गाँव-आमाडांड मूल निवासी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। यहाँ 5 पीढ़ी लगभग 200 वर्षों से अधिक समय से निवास करते आ रहे हैं, और गाँव के समीप ही एक जंगल में शमशान घाट है। जब किसी परिवार के सदस्य की किसी कारणवश मृत्य हो जाती है, तो यहाँ के लोग इसी शमशान घाट में काठी/माटी देते हैं, और उस जगह कच्चे मिट्टी का मठ बनाकर प्रतिवर्ष उनकी याद में दिया जला कर पूजा पाठ करते हैं ताकि मृतआत्मा को शांति मिल सके, परंतु पिछले वर्ष नवम्बर 2023 में कुछ लोग द्वारा अचानक से आकर इस शमशान घाट में jcb मशीन चला के सैकड़ों मठ को तोड़ दिया गया, जिसके कारण गाँव वाले काफी ज्यादा आहत हुए एवं उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुँचा। इसकी लिखित शिकायत दिनांक 24/11/2023 को गाँव वालों ने कलेक्टर कोरबा के समक्ष उपस्थित होकर दिया था, परंतु आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। जमीन खोद के देखा जाए तो हजारों की संख्या में नर कंकाल मिलेंगे, ऐसा ग्रामीणों का कहना है।
निवेदन किया गया है कि गाँव के शमशान घाट के मठ को तोड़ने वाले के विरुद्ध अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत प्रथम सुचना दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
श्मशान घाट के मठ को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की मांग





