👉🏻 अखंड हनुमान चालीसा पाठ का उत्सव बना अनुष्ठान
कोरबा-पाली। क्षेत्र में आस्था और संकल्प की मिसाल बने पाली नगर के दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में 16 दिसम्बर 2014 से शुरू हुआ अखंड हनुमान चालीसा पाठ इस मंगलवार 9 जून 2026 को 601वें सप्ताह में प्रवेश कर गया। यह सिलसिला सिर्फ एक पाठ नहीं रहा, अब यह नगर का सामूहिक उत्सव बन चुका है।
👉🏻युवाओं की पहल से शुरू हुई परंपरा

इस पुण्य कार्य की नींव बजरंग दल के तत्कालीन जिला सह संयोजक दीपक शर्मा ने रखी थी। उनके साथ नगर के युवा साथी और वरिष्ठजन दिनेश जायसवाल,पप्पू जैन,कमल वैष्णव,अर्जुन चौबे,चंद्रशेखर पटेल,मुकेश कौशिक, नीरज जायसवाल,शुभाकर जायसवाल, राजा डिक्सेना,प्रभात दुबे,शुभम श्रीवास,रामेश्वर वैष्णव,गौरव श्रीवास,सुधांशु भावनानी,अजय श्रीवास,भूपेंद्र डिक्सेना, ओम जायसवाल,रामफल पटेल,अर्जुन दास,शंकर दीवान,दीपक बाधवानी,जीवन श्रीवास,जितेंद्र श्रीवास,अनुरुद्ध जायसवाल,संतोष देवांगन,मिथुन कुमार, निर्मलदास, लालू जायसवाल,भूषण श्रीवास,नरेंद्र शर्मा,सुब्रत शर्मा आदि ने मिलकर 12 साल पहले इस पाठ की शुरुआत की थी।
👉🏻कोरोना काल में भी नहीं टूटी कड़ी

601 सप्ताह की इस अनवरत आस्था की यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता है इसकी निरंतरता। कोरोना महामारी के लॉकडाउन में जब सब रुका था, तब भी यह पाठ नहीं रुका। उस दौरान 5 युवा साथियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ जारी रखा। इसी जज्बे की वजह से आज यह कड़ी अटूट है।
👉🏻उत्सव का रूप लेता आयोजन

पाठ के 601वें सप्ताह पर नगर में खासा उत्साह है। आयोजन के दौरान बीच में भोग भंडारे और भजन संगीत के कार्यक्रम भी होते रहते हैं। अब पाली के साथ आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु इस पाठ में शामिल होने पहुंच रहे हैं और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस मंगलवार को 601वें सप्ताह के आयोजन में नगर के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। सभी ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ कर बजरंग बली का आशीर्वाद लिया।
आयोजन के मुख्य सूत्रधार दीपक शर्मा ने बताया कि हम सबने 601 वें सप्ताह का हनुमान चालीसा पाठ कर गौरवान्वित महसूस किया कि हमारा अपने धर्म के प्रति जुड़ाव में निरंतरता है। कोई भी आयोजन छोटा या बड़ा नहीं होता किंतु, हर वह आयोजन बड़ा हो जाता है जिसमें लोगों की आस्था और भावना जुड़ जाती है। पाली में आयोजित हो रहे हनुमान चालीसा पाठ में सभी की आस्था जुड़ी हुई है और आस्था की यह अखंड धारा पाली नगर सहित क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है।





