👉🏻 RES दफ्तर पोड़ी-उपरोड़ा में गजब कहानी,जिला से पूर्व SDO को संरक्षण किसलिए…?
कोरबा। कोरबा जिले के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जिला कार्यालय के संरक्षण में पोड़ी उपरोड़ा RES कार्यालय में भर्राशाही चल रही है। कार्यों के भुगतान आपसी खींचतान में रुक रहे हैं।
आलम यह है कि पोड़ी RES कार्यालय में शासन द्वारा पदस्थ एसडीओ जीएस ठाकुर को घर बिठा दिया गया है और जिन राजेश गुप्ता का तबादला शासन के आदेश अनुसार दूसरे जिले में कर दिया गया है, वह कार्य मुक्त होने के बाद भी शासन के आदेश की अवहेलन करते हुए दफ्तर चला कर मनमानी कर रहे हैं।
यह भर्राशाही विभागीय जिला अधिकारी की जानकारी में हो रहा है किंतु सब कुछ मौखिक आदेश पर चलाते हुए न सिर्फ शासन बल्कि उच्च न्यायालय के आदेश की भी अवमानना की जा रही है। ऐसे में RES पोड़ी में पदस्थ किए गए श्री ठाकुर को उनके पदीय कर्तव्य और दायित्व से पृथक रखा जा रहा है जो की अनुशासनहीनता और कदाचरण के दायरे में आना चाहिए।
👉🏻 13 जनवरी पर थी निगाह
दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ शासन ने 7 जनवरी 2026 को एक आदेश जारी कर कहा है कि जिन अधिकारी- कर्मचारी का तबादला दूसरे जिले के लिए कर दिया गया है, वह 13 जनवरी तक नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करें। उनका जनवरी 2026 से वेतन भी नई पदस्थापना स्थल से जारी होगा। हालांकि अनुसूचित जिलों से गैर अनुसूचित जिला में तबादला वाले को तब तक भारमुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि एवजीदार ने कार्यभार न संभाला हो। इस मामले में ऐसा नहीं है, एवजीदार मौजूद है फिर भी जिला अधिकारी के संरक्षण में भर्राशाही कर रहे पूर्व SDO राजेश गुप्ता 13 जनवरी तक भी कोरबा जिला छोड़कर नई पदस्थापना पर नहीं गए हैं। इससे शासन और उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना होती दिख रही है।
👉🏻स्थगन मिलने तक भारमुक्त हो चुके थे, तब यथा स्थिति में भी भारमुक्त ही कहलाएंगे
इस मामले में बताना जरूरी है कि छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन 07.01.2026 एवं सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 01.01/2024//6 दिनांक 25.11.2024 के संबंध में छ.ग. शासन के आदेश के परिपालन में दिनांक 28:10.2024 को कार्यपालन अभियंता RES कोरबा द्वारा जारी आदेश के तहत, जीएस ठाकुर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उप संभाग पोड़ी उपरोड़ा में पद भार ग्रहण कर अनुविभागीय अधिकारी के उत्तरदायित्व का निष्ठापूर्ण सम्पादन जारी रखा है। किन्तु वर्त्तमान में उन्हें अपने कार्य और कर्त्तव्य से वंचित रखा गया है। जबकि, छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर द्वारा स्पष्ट आदेश है कि स्थानातरित कर्मचारी को तत्काल कार्य मुक्त किया जाय। छ.ग. शासन के आदेश के परिपालन में दिनांक 28.10.2024 को तात्कालिक अनुविभागीय अधिकारी राजेश गुप्ता को कार्य मुक्त कर दिया गया है। कार्यमुक्त कर्मचारी द्वारा बिना शासन को अपील किये और अपील की समय सीमा समाप्त होने के पश्चात उच्च न्यायलय से दिनांक 19.11.2024 को स्थगन प्राप्त किया गया, उच्च न्यायलय के स्थगन का मायने यथास्थिति होता है,अर्थात जिस दिनांक को स्थगन मिला उस दिनांक को सम्बंधित कर्मचारी जिस स्थिति में है उसी स्थिति में रहे। चूंकि उक्त दिनांक तक तो राजेश गुप्ता कार्य मुक्त हो चुके थे और श्री ठाकुर ने विधिवत ज्वाइन कर लिया था। फिर ऐसे कार्य मुक्त कर्मचारी से नियम विरुद्ध कार्य कैसे लिया जा रहा है? यहां तक कि ठाकुर के हस्ताक्षर वाले फाइल जिला कार्यालय से वापस लौटाकर राजेश गुप्ता के हस्ताक्षर से मंगाया जा रहा है।







