👉🏻कथित आवेदकों में जिनके नाम,उनमें सम्बन्ध खराब होने की चिंता
कोरबा। स्पेशल इंसेंटिव रिलिजन (एसआईआर) की प्रारंभिक प्रक्रिया के बाद अभी जबकि आवश्यक सुधार कार्यों का सिलसिला चल रहा है, तब एक वायरल विलोपन सूची ने मतदाताओं की बेचैनी और बीएलओ की टेन्शन बढ़ा दी है।
👉🏻 वायरल है विलोपन सूची
सोशल मीडिया और वार्डों के ग्रुप में लगभग 15 00 मतदाताओं के नाम की विलोपन की एक सूची 2 दिन से वायरल हो रही है। इस सूची में लगभग 98% नाम समुदाय विशेष के लोगों के हैं और बाकी अन्य मतदाता। यह सूची वायरल होने के बाद इस बात को लेकर बेचैनी और परेशानी बढ़ गई है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? सारे दस्तावेज देने के बाद हमारा नाम विलोपन सूची में क्यों आया है, हमारा नाम विलोपित करने के लिए किसने और क्यों आवेदन दिया है? इन तमाम सवालों के साथ संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों की भी परेशानी बढ़ गई है। दस्तावेजों के संकलन के लिए मतदाताओं के बीच जाकर खरी- खोटी सुन रहे BLO से फोन करके और रूबरू होकर इस विलोपन सूची के बारे में सवाल पर सवाल किए जा रहे हैं। इन्हें संबंधित निर्वाचन शाखा से कहा जा रहा है कि राजनीतिक दल के बीएलए के माध्यम से यह आवेदन उन्हें नाम विलोपन के लिए फॉर्म -7 में भरकर दिए गए हैं जिसे बीएलओ को सत्यापन करना है। BLO का कहना है कि कोई भी आवेदन सीधे तौर पर जमा लिए जाने और बीएलओ को जानकारी नहीं होने के कारण ऐसे हालात निर्मित हो रहे हैं और आवेदन को प्रमाणित करने को लेकर कहीं ना कहीं BLO की कलम फंस सकती है। काफी पसोपेश में होने के साथ-साथ भयभीत भी हैं क्योंकि मतदाताओं के बीच जाकर सारा कुछ उन्हें ही फेस करना है। ऐसे में जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग को चाहिए कि वह BLO की परेशानी को समझते हुए मतदाताओं की बेचैनी को दूर करने के लिए वास्तविक तथ्यों को सामने रखें।
👉🏻 कथित आवेदक भारी परेशान, पुलिस की शरण लेंगे
लगभग 1500 लोगों के नाम सूची से विलोपित करने के लिए आवेदक के तौर पर जिन BLA के नाम,एपिक नंबर आदि सूची में दर्शित हो रहे हैं उनसे चर्चा करने पर कहा जा रहा है कि हमने किसी का नाम विलोपन करने के लिए कोई आवेदन दिया ही नहीं है और ना ही संबंधित मतदाताओं के विषय में हमें जानकारी है। ऐसे में यह सवाल उत्पन्न हो रहा है कि आखिर BLAके नाम से फर्जी आवेदन किनके द्वारा दिए गए हैं और क्या यह किसी साजिश का हिस्सा है?कुछ कथित आवेदकों ने बताया कि वह इस मामले को लेकर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध FIR दर्ज कराने पुलिस की शरण लेंगे। ऐसे फर्जी आवेदन और नाम आने के कारण उनकी छवि तो खराब हो ही रही है, साथ ही जिन मतदाताओं के नाम के सामने उन्हें आवेदक के तौर पर दर्शाया गया है उनसे विवाद होने व संबंध बिगड़ने का भी खतरा उत्पन्न होने लगा है।
👉🏻 सौंपा गया है ज्ञापन
बताया जा रहा है कि इस विषय की सत्यता और बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से विलोपित करने की जानकारी से परेशान होकर कुछ लोगों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। एडीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि जो चीजें वायरल हो रही हैं और जो जानकारी हमारे पास आई है उससे चिंता होना स्वाभाविक है। इसलिए, आशंकाओं को दूर किया जाए और पूरे मामले की जांच की जाए।
👉🏻जांच-पड़ताल होगी,पात्र लोग चिंतित न हों: एसडीएम
एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे ने कहा है कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम विलोपित किए जाने को लेकर सूची सोशल मीडिया पर वायरल है। यह विषय प्रशासन के संज्ञान में आया है। निश्चित रूप से प्रावधान के तहत हम ऐसे सभी आवेदनों की जांच-पड़ताल करेंगे। इसकी सत्यता का पता लगाया जाएगा। तथ्यों के साथ ही ऐसे मामलों में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। पात्र लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।







