0 जांच अधिकारी और शिक्षकों की हुई उच्च अधिकारियों से शिकायत, रामसुन्दर और रामचन्द्र के फर्जी अंकसूची का मामला
सक्ती। शिक्षा विभाग से बड़ी खबर निकल कर आई है जानकारी और सूत्रों के हवाले से शासकीय हाई स्कूल सुखापाली तथा सिंघीतराई विकास खण्ड डभरा जिला सक्ति में पदस्थ शिक्षक रामसुन्दर बियार और रामचंद्र बियार पर गंभीर आरोप लगा है इनके द्वारा अपने नियुक्ति के समय जो विश्वविद्यालय का अंक सूची जमा किया गया है वह फर्जी है और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से आर टी आई कार्यकर्ता जितेन्द्र कुमार साहू ने किया था जिस पर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी सक्ति के द्वारा दिनांक 11/06/24 को प्राचार्य प्यारे लाल साहू शासकीय उ मा वि कटकोनी को पत्र जारी करते हुए जांच प्रतिवेदन मांगा गया जिस पर जांच अधिकारी द्वारा दिनांक 01/07/24 को शिक्षक रामसुन्दर बियार और रामचन्द्र बियार से सांठगांठ करते हुए और उन्हें बचाने के लिए उनके पक्ष में जांच प्रतिवेदन बनाकर प्रस्तुत कर दिया गया और जिसके आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी सक्ति द्वारा शिकायत को निराधार मानते हुए समाप्त कर दिया गया।जब इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को हुई तो जांच अधिकारी और दोनों शिक्षक की शिकायत फिर एक बार उच्च अधिकारियों से की गई है।
सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेज से हुआ शिक्षकों का फर्जी अंक सूची पर्दाफाश….
शिक्षक रामसुन्दर बियार के द्वारा अपने नियुक्ति के समय गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर वर्ष 2011 का बी एस सी अंतिम वर्ष एवं बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर छ ग भारत वर्ष 2014 एम एस सी अंतिम वर्ष वनस्पति शास्त्र का अंक सूची प्रस्तुत किया गया है और उसी अंक सूची के आधार पर चयनित मैरिट सूची में उनका नाम शामिल किया गया और उनकी नियुक्ति की गई है।
शिक्षक रामसुन्दर बियार अपनी ऊंची राजनीतिक एवं प्रशासनिक पहुंच रखने से साथ ही धनबल के दम पर संबंधित विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों से सांठगांठ करके अपने बी एस सी तथा एम एस सी अंतिम वर्ष के अंक सूची को अपने सर्विस रिकॉर्ड (सेवा पुस्तिका) में हेराफेरी करते हुए विलियम कैरी यूनिवर्सिटी सिलौंग मेघालय भारत का बी एस सी अंतिम वर्ष 2012 का अंक सूची तथा मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर (मुक्त एवं दूरवर्ती शिक्षा कार्यक्रम) एम एस सी अंतिम वर्ष (वनस्पति शास्त्र) 2014 को शामिल कर दिया गया है और सूचना के अधिकार में जानकारी के अनुसार उसके द्वारा अपने नियुक्ति के समय जमा किया गया बी एस सी अंतिम वर्ष 2012 गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं एम एस सी अंतिम वर्ष(वनस्पति शास्त्र) बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर छ ग वर्ष 2014 की अंक सूची पूर्णतः फर्जी है।
इसी तरह शासकीय हाई स्कूल सिंघितराई विकास खण्ड डभरा जिला सक्ति में पदस्थ शिक्षक रामचंद्र बियार द्वारा अपने नियुक्ति के समय बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर छ ग वर्ष 2014 एम ए अंतिम अंग्रेजी का अंक सूची प्रस्तुत किया गया है तथा उसी अंक सूची के आधार पर चयनित मैरिट सूची में उसका भी नाम शामिल किया गया और उनकी नियुक्ति की गई और इसने भी अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक ऊंची पहुंच से साथ ही धनबल के दम पर संबंधित विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों से सांठगांठ करके अपने एम ए अंतिम वर्ष अंग्रेजी के अंक सूची को अपने सर्विस रिकॉर्ड (सेवा पुस्तिका) में हेराफेरी करते हुए बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर के जगह मैटस विश्वविद्यालय रायपुर (मुक्त एवं दूरवर्ती शिक्षा कार्यक्रम) के एम ए अंतिम वर्ष अंग्रेजी का अंक सूची को शामिल कर दिया गया और सूचना के अधिकार से मिले जानकारी के अनुसार उसके द्वारा अपने नियुक्ति के समय जमा किया गया एम ए अंतिम वर्ष अंग्रेजी बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर छ ग वर्ष 2014 की अंक सूची पूर्णतः फर्जी है।






