0 SECL व हेम्स ने मांगी कुछ मांगें, अमल न होने पर जुलाई में होगा महाआंदोलन
कोरबा। SECL दीपका क्षेत्र में वेतन पर्ची न मिलने और हाजिरी चोरी के खिलाफ 30 मई से अनिश्चितकालीन कन्वेयर बेल्ट जाम की चेतावनी को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
आंदोलन के सम्बंध में प्रबन्धन को दिए गए ज्ञापन व अल्टीमेटम उपरांत चर्चा कर 10 दिन में सेफ्टी सुरक्षा उपलब्ध करने का निर्णय लिया गया।
वेतन पर्ची और हाजिरी में कटौती को लेकर एक महीने के भीतर निराकरण करने के लिए SECL प्रबंधन के अधिकारी और हेम्स कॉरपोरेशन के प्रबंधन के समक्ष ठोस आश्वासन और निर्णय के बाद 30 मई का आंदोलन स्थगित किया गया है।
ठेका श्रमिक मजदूरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय सीमा के अंतराल में यह मांगे पूरी नहीं हुई तो जुलाई महीने के पहले सप्ताह में एक विशाल महाआंदोलन होगा जिसका जिम्मेदार SECL प्रबंधन और हेम्स कॉरपोरेशन कंपनी होंगे।
बता दें कि SECL के दीपका क्षेत्र में कार्यरत छत्तीसगढ़ कोयला मजदूर सेवा समिति दीपका और स्थानीय मजदूरों ने ठेका कंपनी और प्रबंधन के खिलाफ अपनी समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर मोर्चा खोलने का लड़ाई का ऐलान किया था।मजदूरों ने इस संबंध में एसईसीएल के महाप्रबंधक (दीपका क्षेत्र) सहित मुख्यमंत्री श्रम मंत्री कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कोरबा को लिखित अल्टीमेटम सौंप कर बताया था कि – 01 जनवरी 2025 से हेम्स एण्ड जे.एम.ए.टी.सी. एसोसिएट ठेका कंपनी ने यहाँ काम शुरू किया था कार्य प्रारंभ होने से पूर्व मजदूरों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया गया था लेकिन धरातल पर वादे खोखले साबित हुए ।
मजदूरों को उनकी मेहनत का लेखा-जोखा यानी सत्यापित वेतन पर्ची नहीं दी जा रही है। मजदूरों का सबसे गंभीर आरोप है कि उनकी दैनिक हाजिरी (अटेंडेंस) की चोरी की जा रही है जिससे उन्हें उनका पूरा पारिश्रमिक नहीं मिल पा रहा है। मजदूरों को उनके बुनियादी हकों से वंचित रखकर उनका भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है
मांग की गई थी कि- एसईसीएल और हेम्स एण्ड जे.एम.ए.टी.सी. एसोसिएट ठेका कंपनी द्वारा सभी मजदूरों को सत्यापित वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाए। हाजिरी चोरी पर तुरंत रोक लगाई जाए और सभी कामगारों को सत्यापित हाजिरी कार्ड प्रदान किया जाए। पूर्व में किए गए सभी समझौतों और मजदूर हितों की मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
मजदूरों ने प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी कि इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए 10 दिनों के भीतर उनकी सभी जायज मांगों को पूरा किया जाए यदि तय समय सीमा के भीतर समाधान नहीं निकाला गया तो 30 मई 2026 (शनिवार) से मजदूर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।





