कोरबा-बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा के कटाईनार वार्ड क्रमांक 14 में पेयजल संकट और बोरिंग कार्य को लेकर चल रहा विवाद थमा नहीं है। समाजसेविका डिंकी कौर द्वारा उठाये गए सवाल और जनदर्शन में की गई शिकायत पर कोई समाधान नहीं निकला बल्कि सवाल गंभीर होते जा रहे हैं।
समाजसेविका डिंकी कौर ने आरोप लगाया है कि कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराने, कई बार आवेदन देने और मामला सार्वजनिक होने के बावजूद आज तक न तो निष्पक्ष जांच हुई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने जवाब देना उचित समझा।
डिंकी कौर का कहना है कि कुछ समय पहले जिस बोर को बड़े दावों के साथ खोदा गया था, वह मात्र एक-दो दिन में ही जवाब दे गया। अब उसी बोर से कुछ ही दूरी पर फिर नया बोर खोदा जा रहा है। उनके अनुसार यदि पहली बार सही तकनीकी जांच और पर्याप्त गहराई तक बोरिंग कराई जाती, तो सरकारी धन दोबारा खर्च करने की नौबत नहीं आती।
👉🏻एक बोर फेल होने की जिम्मेदारी किसकी है?
कौर ने पालिका से सवाल किया है कि सरकारी राशि खर्च होने के बाद भी परिणाम शून्य क्यों रहा? क्या पहले हुए कार्य की तकनीकी जांच होगी? और सबसे बड़ा सवाल है कि जनदर्शन में शिकायत के बाद भी प्रशासन आखिर मौन क्यों है?
डिंकी कौर ने आरोप लगाया कि शिकायतों पर कार्रवाई न होने से गैरजिम्मेदार लोगों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब जनता के पैसों से काम हो रहा है, तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
👉🏻 मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक पहुंचेगा मामला
डिंकी कौर ने कहा है कि यदि जल्द ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई और दोषियों की जवाबदेही तय नहीं हुई, तो वह अपनी शिकायत को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएंगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री, संबंधित विभागों तथा प्रधानमंत्री कार्यालय तक पूरे मामले की शिकायत भेजेंगी ताकि जनता के पैसे और जनता के अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे की उच्चस्तरीय जांच हो सके।
मामला अब सिर्फ एक बोरिंग या एक वार्ड की पानी समस्या तक सीमित नहीं रह गया है। सवाल प्रशासन की जवाबदेही, जनदर्शन की प्रभावशीलता और जनता की शिकायतों पर कार्रवाई की गंभीरता का है। वार्डवासी अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर जांच पहले होगी या फिर शिकायतें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद प्रशासन जागेगा?






