👉🏻 टीआई व आरक्षक गौतम पटेल पर मारपीट का आरोप, शिकायत पर जांच शुरू
👉🏻 टीआई ने कहा-आदतन जुआड़ी हैं, मारपीट का आरोप निराधार
कोरबा। कोरबा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में जुआड़ियों का फड़ सज रहा है। नामचीन फड़ संचालक अपना काम सहयोगियों के साथ मिलकर कर रहे हैं। किसी मामले में धरपकड़ होती है तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर पुलिस को ही निपटाने की योजना पर काम कर दिया जाता है।
गुरुवार को हरदीबाजार थाना क्षेत्र में ऐसी ही घटना सामने आई जिसमें पकड़े गए दो जुआड़ियों ने पुलिस पर ज्यादती करने का आरोप लगाते हुए पानी की टंकी पर चढ़कर न्याय मांगा व खुदकुशी तक कर लेने की चेतावनी भरी धमकी दी। इस घटनाक्रम को लेकर कई घंटे तक सनसनी बनी रही, आखिरकार उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर दोनों को नीचे उतारा जा सका। उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हरदीबाजार थाना प्रभारी व पिटाई करने वाले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
👉🏻 यह हुआ था घटनाक्रम
दरअसल, हरदी बाजार पुलिस ने एक इनपुट पर रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर को पकड़ा। यह आदतन जुआड़ी हैं तथा फड़ संचालक हरि साहू के लिए काम करते हैं। फड़ संचालन के लिए आवश्यक सामान हरि साहू से प्राप्त कर यह लोग आ रहे थे कि इन्हें पकड़ लिया गया। इनके विरुद्ध धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के पश्चात इन दोनों के द्वारा अपनी जमानत कराई गई। वहां से छूटने के बाद रफीक और दीपेश ने थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद डडसेना और आरक्षक गौतम पटेल के द्वारा जमकर मारपीट करने, दोनों को मिलाकर करीब 200 बेल्ट मारने का गंभीर आरोप लगाया। यह दोनों युवक न्याय की गुहार लगाते हुए गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गए और टीआई को बर्खास्त करने की मांग करने लगे। आरक्षक गौतम पटेल के द्वारा भी मारपीट करना बताया। साथ ही यह भी चेतावनी भारी धमकी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो वह खुदकुशी कर लेंगे। पानी की टंकी पर युवकों के चढ़ जाने की घटना के आम होते ही खलबली मच गई। कार्यपालिक दंडाधिकारी सहित थाना स्टाफ मौके पर पहुंचा। दोनों को कार्रवाई का आश्वासन व समझाईश दे कर किसी तरह नीचे उतारा गया। मामले में जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।
👉🏻 हरि साहू के लिए काम करते हैं दोनों
इस घटनाक्रम के बीच दोनों आरोपियों के द्वारा इस बात का खुलासा किया गया कि यह दोनों जुआ फड़ संचालक हरि साहू के लिए काम करते हैं। हरि साहू एक नामचीन फड़ संचालक है। पिछले साल रजगामार पुलिस चौकी और करतला थाना की सीमा के मध्य जंगल में इसके फड़ पर दबिश दी गई थी। कुछ लोग गिरफ्तार किए गए जबकि फंड संचालक आज तक गिरफ्त से दूर है। इस मामले में एसपी सिद्धार्थ तिवारी के द्वारा तत्कालीन करतला थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार वर्मा को निलंबित किया गया था। हालांकि बाद में वस्तु स्थिति स्पष्ट होने पर उन्हें बहाल कर दिया गया। उस मामले में भी फड़ संचालक हरि साहू की तलाश आज तक पूरी नहीं हो सकी है। दूसरी तरफ पकड़े गए युवाओं रफीक और दीपेश निर्मलकर ने हरि साहू के साथ-साथ अनवर का भी नाम लिया जिसके द्वारा जुआ का फड़ चलाया जा रहा है। जांजगीर-चाम्पा और कोरबा जिले की सीमा में स्थित सोंठी के जंगल, कोरबा जिले के ग्राम नेवसा, बाता बिरदा में जुआ का फड़ संचालित करने का खुलासा किया है। इस फड़ में कोरबा जिला ही नहीं बल्कि जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा, चाम्पा से भी जुआड़ियों के आने की पुष्टि की गई है। 30 से 35 लोगों का ग्रुप फड़ में मौजूद रहता है। पकड़े जाने के बाद जहां रफीक और दीपेश ने यह खुलासा किया है वहीं दूसरी तरफ बाद में इसे दबाव पूर्वक बनवाया गया वीडियो करार देते हुए 23 हजार 500 रुपए लेने का भी आरोप पुलिस पर लगाया गया है। उनके आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच के बाद पता चलेगा।लेकिन, इस तरह की घटनाओं से यह तो स्पष्ट है कि पुलिस जुआड़ियों की टारगेट में है। ना पकड़ो या पकड़ कर सेटलमेंट करके छोड़ दो तो सब बढ़िया, अगर बड़े संचालक या उसके लोगों पर कार्रवाई हुई तो तरह-तरह के आरोप लगाकर निपटाने की कोशिश में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती। अकेले हरि साहू ही नहीं बल्कि और भी कई जुआ फड़ के संचालक अलग-अलग इलाकों में अपना फड़ गुलजार कर रहे हैं। चिंताजनक यह है कि इस सामाजिक बुराई को फैलाने वाले लोगों तक पुलिस के मुखबिर, तकनीकी तंत्र नहीं पहुंच पा रहे हैं। फड़ संचालक न सिर्फ जुआ की लत लगवा रहे हैं बल्कि जुआ खेलने के लिए ब्याज में रुपए देकर कर्ज में भी डुबाने का काम कर रहे हैं। जिस तरह से डीजल, कोयला और कबाड़ चोरों के विरुद्ध कार्रवाई की गूंज सुनाई देती है, उसी तर्ज पर जुआ फड़ के संचालकों पर नकेल कसी जानी चाहिए। साथ ही इन्हें संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मी भी बेनकाब होने चाहिए।





