👉🏻कोरबा के जनपद सदस्यों की जानकारी बिना DMF के कार्यों की सूची सौंपी, जिला सीईओ से शिकायत
कोरबा। जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) मद से स्वीकृत कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर जनपद पंचायत कोरबा में नया विवाद खड़ा हो गया है। जनपद पंचायत के निर्वाचित सदस्यों ने अध्यक्ष बिजमोती राठिया और उनके पति अभिमन्यु राठिया पर मनमाने तरीके से कार्यों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत जिला पंचायत के सीईओ दिनेश कुमार नाग से करते हुए सूची निरस्त करने और सभी सदस्यों की सहमति से नई कार्ययोजना तैयार करने की मांग की गई है।
जनपद सदस्यों द्वारा 19 जून को सौंपे गए शिकायत में कहा गया है कि जिला खनिज न्यास संस्थान मद से जनपद पंचायत को लगभग 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों की मांग का अधिकार प्राप्त है। आरोप है कि अध्यक्ष और उनके पति ने जनपद सदस्यों को विश्वास में लिए बिना तथा उनकी जानकारी के अभाव में 25 लाख रुपये के कार्यों की सूची तैयार कर स्वीकृति के लिए जिला प्रशासन को भेज दी।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह पहला अवसर नहीं है। पूर्व में भी इसी प्रकार का मामला सामने आया था, जिसके विरोध में जनपद सदस्यों ने जिला पंचायत में शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय जनपद सदस्यों की सहमति और उनके-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद फिर से उसी तरह की प्रक्रिया अपनाए जाने से सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि DMF जैसी महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जरूरत आधारित कार्यों को प्राथमिकता देना है, लेकिन यदि निर्वाचित सदस्यों को ही जानकारी से दूर रखकर कार्यों का चयन किया जाएगा तो इससे योजना की पारदर्शिता और उद्देश्य दोनों प्रभावित होंगे।
जनपद सदस्यों ने जिला पंचायत सीईओ से मांग की है कि प्रशासन को भेजी गई वर्तमान कार्य सूची को तत्काल निरस्त किया जाए तथा सभी जनपद सदस्यों के निर्वाचन क्षेत्रों की आवश्यकताओं के आधार पर नई सूची तैयार कर विकास कार्यों की स्वीकृति दी जाए। शिकायत पर आगे की कार्रवाई को लेकर अब जनपद पंचायत की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
अब निगाहें जिला पंचायत सीईओ की कार्रवाई पर टिकी है, क्योंकि शिकायत सीधे DMF राशि के उपयोग और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से जुड़ी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जनपद पंचायत कोरबा में DMF कार्यों के चयन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।






