👉🏻 सरेआम सरकारी अधिकारियों को गाली देने पर भी बिना कार्रवाई बख्श दिया
कोरबा-पाली। कोरबा जिले के पाली अनुविभाग में पदस्थ अनुविभागीय दंडाधिकारी रोहित कुमार सिंह पर एक ग्रामीण ने काफी गंभीर आरोप लगाते हुए उन पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर पाली थाना में शिकायत की है व पुलिस अधीक्षक को इसकी प्रतिलिपि प्रेषित की गई है। ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन में जहां एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम का पक्ष सामने आया है जिसमें उन्होंने तमाम तरह से किए गए अपमान और शासकीय कार्य में बाधा के बावजूद उक्त शिकायतकर्ता ग्रामीण पर उसकी मां के आग्रह को स्वीकार करते हुए किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं की और बख्श दिया।
👉🏻 लगाया गया है यह आरोप
पाली थाना क्षेत्र के ग्राम करतली निवासी पीताम्बर सिंह ने एसडीएम पाली के खिलाफ शासकीय पद का दुरुपयोग करने, कालर पकड़कर मारपीट करने, “जान से मारने” की धमकी देने तथा पुलिस बल के माध्यम से अवैध रूप से थाने में बैठाकर रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, 24 जून 2026 को ग्राम करतला में प्रस्तावित एसईसीएल एप्रोच रोड निर्माण के लिए प्रशासनिक अमला पहुंचा था। आवेदक का आरोप है कि सड़क निर्माण से उसकी एवं अन्य ग्रामीणों की भूमि प्रभावित हो रही है, लेकिन अब तक उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। इसी कारण ग्रामीण पहले मुआवजा निर्धारण और उसके बाद सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। आवेदक ने शिकायत में कहा है कि मौके पर मौजूद एसडीएम रोहित कुमार ने बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए जबरन सड़क निर्माण शुरू कराने का प्रयास किया। विरोध करने पर एसडीएम ने कथित रूप से उसका कालर पकड़ लिया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया तथा गुस्से में “तुमको जिन्दा गाड़ दूंगा” और “तुम्हें सात महीने की जेल भेज दूंगा, तुम्हें कोई बाहर नहीं निकाल सकता” जैसी धमकी दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एसडीएम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस बल को निर्देश देकर आवेदक को जबरन पाली थाने भिजवा दिया, जहां बिना किसी अपराध दर्ज किए या कानूनी आधार के उसे शाम तक थाने में बैठाकर रखा गया।
पीताम्बर सिंह ने अपनी शिकायत में इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय न्याय संहिता के तहत लोकसेवक द्वारा पद के दुरुपयोग, अवैध बंधक बनाने, आपराधिक धमकी एवं अन्य संगत धाराओं का मामला बताते हुए एसडीएम के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
👉🏻 एसडीएम ने बताया यह घटनाक्रम
इस आरोप से इनकार करते हुए एसडीएम रोहित कुमार सिंह ने बताया कि एप्रोच रोड में आ रही बाधा को दूर करने के लिए वह ग्राम करतली पहुंचे थे। उनके साथ तहसीलदार, पटवारी और पाली थाना प्रभारी भी मौके पर मौजूद थे। यहां जिन ग्रामीणों की जमीन संबंधी शिकायत थी, उनका 4 से 6 घंटा लगाकर जमीन की नापजोख कराई गई, संतोषपूर्ण तरीके से उनका शंका समाधान किया गया। जिसको मुआवजा लेना था उनसे मुआवजा के बारे में बात की गई। इसी कड़ी में पीतांबर सिंह की जमीन का भी मामला आया जिसमें उसके द्वारा बात रखने के दौरान एकाएक आवेश में आकर अधिकारियों को एसईसीएल से जोड़ते हुए गाली गलौज करना शुरू कर दिया गया। अभद्र और अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया जाने लगा जिस पर उसे समझाइश दी गई तो वह और उग्र हो गया। यह सारा घटनाक्रम वहां पर मौजूद ग्रामीणों सहित उसकी मां ने स्वयं देखा। जिन ग्रामीणों की समस्या का समाधान पटवारी की टीम ने कई घंटे लगाकर किया उनमें खुशी की लहर थी लेकिन पीतांबर सिंह समाधान की बजाय अनर्गल आरोप लगने लगा। उसके इस अमर्यादित आचरण और शासकीय कार्य में बाधा को देखते हुए उपस्थित पुलिस बल को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। शाम को पूरी कार्रवाई निपटने के बाद वापस लौटते समय पीतांबर सिंह की मां ने मुझसे (एसडीएम से) आग्रह किया कि उसके बेटे को छोड़ दिया जाए, उसने नादानी में गलती कर दी है,आप भी मेरे बेटे समान हो, उसे माफ कर दें।एसडीएम ने वृद्ध मां के आग्रह को नहीं ठुकराया और मौके पर ही पाली टीआई को निर्देश दिए कि पीतांबर के विरुद्ध किसी भी तरह की आपराधिक कार्रवाई न की जाए और उसे छोड़ दिया जाए। इसके बाद पीतांबर पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और उसे बख्श दिया गया। यहां से जाने के बाद उसके मन में क्या सूझी, वही जाने लेकिन जिस तरह से उसने अमर्यादित आचरण किया, उसके लिए कई गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध पंजीकृत किया जा सकता था। एसडीएम ने कहा कि पूरी कार्रवाई ग्रामीणों के सामने हुई है, इसमें किसी तरह का कोई गलत आचरण मेरे द्वारा या मेरी टीम के द्वारा नहीं किया गया, लगाए गए आरोप पूर्णत: निराधार हैं।





