👉🏻5.26 लाख के मूलधन के बदले 10.03 लाख चुकाने के बाद भी 5 लाख की और मांग
👉🏻पीड़ित बोला-“रात भर सो नहीं पा रहा मेरा परिवार”
कोरबा-दर्री। कोरबा जिले में लंबे समय से कार्रवाई के अभाव में फिर से सूदखोरी के मामले सिर उठाने लगे हैं। इस बीच अवैध सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बालकोनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगोईखार निवासी एक पीड़ित परिवार ने सूदखोरों के आतंक से तंग आकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का आरोप है कि मूल रकम से दोगुना पैसा चुकाने के बाद भी आरोपी पिता-पुत्र उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
👉🏻क्या है पूरा मामला..
शिकायतकर्ता घनश्याम पालकर (45 वर्ष) ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे आवेदन पत्र में बताया कि वर्ष 2020 में जरूरत पड़ने पर उन्होंने अपने पड़ोसी सुरेंद्र पटेल से कुछ रकम उधार ली थी। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2025 तक किश्तों में ₹5,26,000 की मूल रकम पूरी तरह चुका दी। इसके साथ ही, व्यावहारिक तौर पर विवाद से बचने के लिए ₹4,77,067 अतिरिक्त मिलाकर कुल ₹10,03,067 नगद और फोन-पे (PhonePe) के माध्यम से वापस कर दिए।
👉🏻 10% प्रति माह ब्याज और 5 लाख की नई मांग
इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपियों की नीयत नहीं बदली। आरोप है कि सुरेंद्र पटेल अब 10 प्रतिशत प्रति माह की दर से मनमाना ब्याज जोड़कर 5 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग कर रहा है। पैसा न देने पर पीड़ित और उसके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
👉🏻सीएम पोर्टल और थाने में शिकायत, पर कार्रवाई नहीं
पीड़ित घनश्याम पालकर ने बताया कि उन्होंने इस प्रताड़ना के खिलाफ सबसे पहले 2 जून 2026 को स्थानीय थाना और फिर 18 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक सहित मुख्यमंत्री (CM) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं।
👉🏻दुकान खोलने पर रोक, रास्ते में घेर कर गाली-गलौज
शिकायत के मुताबिक,सुरेंद्र पटेल और उसका बेटा नितेश पटेल लगातार पीड़ित के घर आकर, रास्ता रोक कर और बच्चों के स्कूल जाते समय गाली-गलौज करते हैं। 9 अगस्त 2026 को जब पीड़ित और उनकी पत्नी अपनी आजीविका के लिए एक ‘मेडिकल स्टोर’ खोलने पहुंचे, तो नितेश ने वहां आकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया, मां-बहन की गंदी गालियां दीं और उन्हें उठवा लेने की धमकी दी। यह भी धमकाया कि “दर्री पुलिस को तो मैं जेब में रखता हूँ… तुमको जहाँ जाना है जाओ, मेरा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे और 5 लाख रुपये मैं तुमसे लेकर रहूँगा।”
👉🏻दहशत में जी रहा है परिवार
लगातार मिल रही धमकियों के कारण घनश्याम पालकर और उनका पूरा परिवार अत्यधिक मानसिक प्रताड़ना और दहशत के साए में जीने को मजबूर है। पीड़ित ने 10 अगस्त 2026 को पुनः एसपी से गुहार लगाते हुए कहा है कि डर के कारण उनका परिवार रात-रात भर सो नहीं पा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से खुद को और अपने परिवार को इस भयादोहन से बचाने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।




