👉🏻 नीति को बताया दोषपूर्ण- पोड़ी ब्लॉक में 150 आवास का लक्ष्य, पर पेट्रोल खर्च तक नहीं निकला
कोरबा-पोड़ी उपरोड़ा। कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के आवास मित्र संघ ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) को जमीनी स्तर पर सफल बनाने वाले आवास मित्र आज खुद गंभीर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। हितग्राहियों की उदासीनता और मौजूदा दोषपूर्ण नीतियों के विरोध में आवास मित्र संघ ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण में लाभार्थियों को सहयोग करने के साथ-साथ स्वयं के रोजगार के लिए जुड़े आवास मित्र संघ ने सत्यसंवाद को बताया कि हमारे द्वारा दिन-रात कड़ी मेहनत कर दूर-दराज के क्षेत्रों में घूम-घूमकर हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन देने निर्माण सामाग्री उपलब्ध कराने से लेकर आवास का काम समय पर पूरा करवाने के लिए मानिंटरिंग और जियो टैनिंग (Geotagging) का सारा काम किया जाता है। परंतु, शासन का नियम है कि यदि 6 महिने में आवास पूर्ण होता है, तभी आवास मित्रों को प्रति आवास 1000/- रूपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है। यदि हितग्राही या ठेकेदार की उदासीनता के कारण आवास समय पर नहीं बन पाता है, तो प्रति माह 100/- रूपये की दर से आवास मित्र के मानदेय से कटौती कर ली जाती है।
👉🏻 काम हम करें और सजा भी हमीं को…
आवास मित्रों का कहना है कि “हम काम करें और सजा हमें ही मिले” यह न्याय संगत नहीं है क्योंकि आवास की तीनों किश्ते और मनरेगा मजदूरी की राशि सीधे हितग्राही के खाते में जाती है। जिस पर आवास मित्रों का कोई नियंत्रण नहीं होता। हितग्राहियों की आपसी या पारिवारिक समस्याओं के कारण ही अक्सर आवास का काम रुका रहता है और बार-बार समझाने के बावजूद हितग्राही आवास को समय पर नहीं बना पाता। जिसका और खामियाजा आवास मित्रों को भुगतना पड़ता है।
👉🏻 उदासीनता व दोषपूर्ण नीति
वर्ष 2024-25 में प्रत्येक आवास मित्र को 150 आवास का बड़ा लक्ष्य मिलने के बावजूद हितग्राहियों की उदासीनता एवं शासन के दोषपूर्ण नीतियों के कारण अधिकांश आवास मित्र अपना पेट्रोल खर्चा तक नहीं निकाल पाए।
👉🏻 संघ ने की है यह मांग
उपरोक्त समस्याओं को गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले आवास मित्र संघ ने शासन से मांग की है कि :-
- वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में आवास के विभिन्न स्तर पर किये गये जियोटैक के आधार पर शेष प्रोत्साहन राशि तत्काल भुगतान किया जावें।
- आवास निर्माण की समय सीमा को 6 माह से बढ़ाकर पुनः 1 वर्ष किया जाए, ताकि हितग्राहियों को पर्याप्त समय मिल सकें।
- आवास मित्र के प्रोत्साहन राशि में कटौती की व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जावें।
- आवास मित्रों को उनके कार्य के दौरान होने वाले पेट्रोल खर्च, मोबाईल खर्च एवं स्टेशनरी खर्च का भुगतान प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त अलग से किया जावें।
- निकट भविष्य एवं आने वाले योजनाओं (PMAYG-2.0) में पूर्णकालिक पद आवास सहायक, पंचायत सहायक या कार्यालय सहायक (डाटा एन्ट्री ऑपरेटर) जैसे पदों का सृजन कर 15000 /- रूपये प्रतिमाह निश्चित मानदेय पर नियुक्त किया जावें।
ताकि हम देश के विकास एवं शासन के महत्वकांक्षी योजनाओं में सहभागी बन सकें और आर्थिक एवं मानसिक रूप से सुदृढ़ होकर योजनाओं को शत-प्रतिशत सफल बना सकें।






