कोरबा। भाकपा जिला सचिव कॉ. पवन कुमार वर्मा ने बताया कि भाकपा के आह्वान पर 1 सितंबर को दिल्ली में महारैली है। कोरबा से 20 साथी जाएंगे। रैली शिक्षा-चिकित्सा में समानता, जल-जंगल-जमीन की रक्षा, महंगाई पर रोक, महिला आरक्षण, MSP की गारंटी, लेबर कोड वापसी, मतपत्र बहाली और खाली पदों पर भर्ती जैसे मुद्दों पर है।
सरकार के आंकड़े ही सरकार को बेनकाब करते हैं:
केंद्र में खाली पद 10 साल में दोगुने – 2015 में 4.20 लाख से बढ़कर 2024 में 8.23 लाख (वित्त मंत्रालय रिपोर्ट)। डिफेंस में 2.42 लाख, रेलवे में 2.40 लाख, डाक में 61 हजार पद खाली। PSU में 49% कर्मचारी अब ठेके पर हैं, जो 2015 में 19% थे। GeM से 10 लाख कर्मचारी आउटसोर्स। बेरोजगारी 8% के पार है, फिर भी भर्ती नहीं।
दो लूट एक साथ –
शक्कर की लूट: एथेनॉल के नाम पर गन्ना झोंकने से शक्कर संकट और रक्षाबंधन पर महंगाई। फायदा तेल कंपनियों को।
मजदूर की लूट: 4 लेबर कोड से लेबर कोर्ट खत्म, ट्रिब्यूनल में रिटायर्ड अफसर फैसला करेगा, फिक्स्ड टर्म के नाम पर ठेका वैध। अस्पताल, स्कूल, मिड-डे-मील के लाखों मजदूर श्रम कानून से बाहर हो जाएंगे।
जो युवा आंदोलन पर संस्कार का ज्ञान दे रहे हैं, वो ADR रिपोर्ट देखें – 251 सांसद (46%) और 1861 विधायक (45%) पर आपराधिक केस, 638 भाजपा के विधायक। 50 FIR वाला मंत्री बने तो ठीक, युवा हक मांगे तो गलत? इसलिए 1 सितंबर को दिल्ली चलो आंदोलन को सफल बनाना जरूरी है।






