👉🏻लगातार हो रहे हादसे… आखिर इसकी जवाबदेही किसकी?
👉🏻अधिकारियों के निर्देश हवा में लटक रहे, बेपरवाह हुए पशुपालक भी
कोरबा। नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। संतोष फ्यूल्स, पताढ़ी के पास बुधवार रात एक दर्दनाक हादसे में स्कार्पियो (क्रमांक CG12 AS 0104) ने सड़क पर बैठी दो गायों को कुचल दिया। हादसे में एक गर्भवती गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गाय गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी-मौत से जूझ रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तिलकेजा निवासी मुकेश कुजूर कथित रूप से लापरवाहीपूर्वक स्कार्पियो चला रहे थे। तेज रफ्तार वाहन सीधे सड़क पर बैठी गायों पर चढ़ गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत कर स्कार्पियो के नीचे फंसी गायों को बाहर निकाला।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि इस नेशनल हाईवे पर आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन न तो गति पर नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम किए जा रहे हैं और न ही लगातार हो रही घटनाओं से कोई सबक लिया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन लगातार हो रहे हादसों की जवाबदेही किसकी है? क्या केवल चालक ही जिम्मेदार है, या फिर हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और आवारा मवेशियों की रोकथाम के लिए जिम्मेदार विभागों की भी जवाबदेही तय होगी? यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते, तो शायद एक बेजुबान गर्भवती गाय की जान नहीं जाती।
ग्रामीणों ने दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, घायल गाय के समुचित उपचार तथा नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
👉🏻कनबेरी मार्ग पर दो मवेशी कुचला

बुधवार की शाम सर्वमंगला-कनवेरी मार्ग पर भारी वाहन की चपेट में आने से दो मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई। कुछ ही दिन पहले इसी सड़क पर मवेशियों से टकराकर एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया था। यह कोई अकेली घटना नहीं है; कुछ दिनों पहले ही दर्री रोड पर एक अज्ञात वाहन ने 9 मवेशियों को कुचल दिया था। लेकिन यदि हम कोरबा की इन घटनाओं को एक स्थानीय समस्या मानकर छोड़ दें, तो यह हमारी सबसे बड़ी भूल होगी। वास्तव में, यह देश के हर छोटे-बड़े राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और राजकीय सड़कों पर पसर चुका एक गंभीर ‘मवेशी-सड़क दुर्घटना संकट’ है।






