👉🏻ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप में छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार एक ही बटालियन के 12 कैडेट्स का चयन, दिल्ली में दिखाया दम
कोरबा। कोरबा की प्रथम एनसीसी बटालियन के लिए यह गौरव का क्षण रहा जब एक साथ 12 कैडेट्स का चयन हुआ। कमला नेहरू महाविद्यालय के सीनियर अंडर ऑफिसर राहुल विश्वकर्मा समेत बटालियन के कुल 12 कैडेट्स का चयन ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप (AITSC), नई दिल्ली के लिए हुआ। सम्भवतः छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब एक ही एनसीसी बटालियन के इतने कैडेट्स का चयन ऑल इंडिया कैंप के लिए हुआ।
ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप का आयोजन 1 से 12 सितंबर तक नई दिल्ली में किया गया। इसके लिए कैडेट्स के चयन की प्रक्रिया मई माह से शुरू हुई थी। कोरबा में आयोजित पहले कैंप से शुरू हुआ चयन का सफर अलग-अलग चरणों और करीब 7 चयन कैंपों से गुजरता हुआ दिल्ली तक पहुंचा। हर पड़ाव पर प्रदर्शन के आधार पर कैडेट्स का चयन होता गया और अंततः प्रथम एनसीसी बटालियन कोरबा के 12 कैडेट्स ने ऑल इंडिया स्तर के इस कैंप में जगह बनाई।
कैंप में कैडेट्स ने जजिंग डिस्टेंस एंड फील्ड सिग्नल, मैप रीडिंग, ऑब्स्टेकल ट्रेनिंग और हेल्थ एंड हाइजीन जैसी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
👉🏻जजिंग डिस्टेंस एंड फील्ड सिग्नल (JDFS) में राहुल विश्वकर्मा, रवि शंकर और रमा शंकर निषाद का चयन हुआ। मैप रीडिंग में मनीष कुमार, हिमालय कुमार, कैलाश निर्मलकर और केशर मित्तल ने प्रतिनिधित्व किया। ऑब्स्टेकल ट्रेनिंग में अतुल बखला, कुमकुम पैंकरा और मनीषा सिंह तथा हेल्थ एंड हाइजीन में हिमानी साहू का चयन दिल्ली के लिए हुआ। इनमें कोरबा जिला से दुरपा रोड निवासी राहुल विश्वकर्मा (कमला नेहरू महाविद्यालय), सार्जेन्ट केशर मित्तल (श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय), रविशंकर कंवर व अतुल बाखला आईटीआई के छात्र कैडेट्स हैं।
👉🏻इस दौरान कैडेट्स ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ निदेशालय का प्रतिनिधित्व किया। जजिंग डिस्टेंस एंड फील्ड सिग्नल इवेंट में एमपी-सीजी निदेशालय ने ओवरऑल बॉयज रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया। राहुल विश्वकर्मा इसी इवेंट में एमपी-सीजी निदेशालय की टीम का हिस्सा रहे।
इस उपलब्धि के पीछे बटालियन के कमाण्ड अधिकारी कर्नल सौंधिल कुमार के कठिन परिश्रम के साथ बटालियन के पीआई एवं एएनओ के अथक प्रयास को महत्वपूर्ण बताया गया है। बटालियन के एनसीसी अधिकारी दिनेश चतुर्वेदी ने दिल्ली कैंप में एमपी-सीजी निदेशालय के कंटिजेंट कमांडर के रूप में जिम्मेदारी संभाली। हवलदार नीलकमल घोष भी कैंप में शामिल रहे।
कैंप की तैयारियों और कैडेट्स को प्रशिक्षण देने में धर्मेंद्र कुमार, गुरुबक्श सिंह एवं काजल नैना दास का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कोरबा से शुरू हुआ चयन का यह सफर दिल्ली के ऑल इंडिया कैंप तक पहुंचा और राहुल विश्वकर्मा समेत 12 कैडेट्स ने प्रथम एनसीसी बटालियन कोरबा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया।




