👉🏻 जय आरती ट्रेडर्स के नाम से राशि निकालकर हड़पने की मंशा पर पानी फिरा
कोरबा। मनरेगा के तहत निर्माण कार्य कराने के बाद भी हितग्राही को पूरी राशि नहीं मिलने का मामला सामने आया। सत्यसंवाद ने इस मामले को प्रमुखता से उजागर किया। जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के संज्ञान में भी लाया। समाचार प्रकाशन के बाद ज्ञात हुआ कि उसका पैसा जय आरती ट्रेडर्स नामक वेण्डर के खाता में जमा कराया गया था, जिससे पीड़ित का कभी कोई लेन-देन वास्ता ही नहीं रहा। मनरेगा में वेण्डर के नाम से चल रहे इस संगठित खेल को जब हमने उजागर किया तो दौड़े-भागे रोजगार सहायक ने वेण्डर आशीष कुमार जोगी से पूरा पैसा प्राप्त कर हितग्राही को घर पहुंचा कर दिया। इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत कथरीमाल के सरपंच की मदद और मध्यस्थता रोजगार सहायक के द्वारा ली गई।
करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत कथरीमाल के रहने वाले गौतम प्रसाद पिता जवाहर ने बताया कि आज से 4-5 दिन पहले रोजगार सहायक ने सरपंच के घर बुलाकर मनराजी किया और पूरा 64 हजार रुपए नगद दिया गया। गौतम ने बताया कि समाचार प्रकाशन के बाद उसे उसका डूबता पैसा मिल सका, वरना उसने तो जून माह में शिकायत भी किया था पर हुआ कुछ नहीं था। उसने अपने हक का पैसा मिल जाने पर खुशी व्यक्त करते हुए सत्यसंवाद की टीम को धन्यवाद दिया। सत्यसंवाद की टीम का मानना है कि हमारे समाचार के माध्यम से किसी भी जरूरतमंद का भला हो, पीड़ित को न्याय मिले ,भ्रष्टाचार उजागर हो, सख्त कार्रवाई हो, तो यही हमारी सार्थकता है।





