👉🏻 व्यस्त सीएसईबी चौक में कार्य परेशानी का सबब
कोरबा। कोरबा शहर क्षेत्र में इन दिनों किए और कराए जा रहे कुछ कार्य काफी चर्चा का विषय होने के साथ-साथ सवालों में भी घिरे हैं।इनमें वर्तमान में सीएसईबी चौक पर एक तरफ का रास्ता पिछले करीब 1 महीने से बंद कर दिया गया है और अभी लगभग एक सप्ताह तक और बन्द रहेगा।
यहां रोड क्रॉसिंग बन्द कर देने से पंचवटी जाने वाले मार्ग की तरफ से लोगों का आना-जाना घूम कर हो रहा है। बीच सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी गई है जिससे कई बार वाहन चालकों को धोखा होता है तो कुछ लोग परेशान होकर बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए विपरीत साइड से आना-जाना भी कर रहे हैं।

रात के वक्त इस रास्ते की स्ट्रीट लाइट बंद होने की वजह से अंधेरे में खतरा और भी बढ़ जाता है।

यहां सिग्नल के इशारे पर ठहरने वाले वाहन चालकों की बरसात और गर्मी के मौसम में सुविधा के लिए निगम प्रशासन के द्वारा दर्री की ओर से आने वाले मार्ग पर सीएसईबी चौक के उस तरफ एक शेड और इस तरफ एक शेड बनवाया गया है। इस शेड में अब फॉल सीलिंग लगाने के साथ बल्ब लगवाने का काम कराया जा रहा है। एसीपी अर्थात एल्युमिनियम कम्पोजिट पैनल काम यहां संबंधित ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा है।
इस कार्य के कारण करीब 1 महीने से एक तरफ की सड़क पर आवागमन बाधित है। कोरबा की ओर से आने वाले लोगों को पंचवटी की ओर जाने वाले रास्ते से होकर आना-जाना पड़ रहा है लेकिन शेड में फॉल सीलिंग और उसमें लाइट लगवाने के कार्य को लोगों ने सवालों में घेरा है।
लोगों का कहना है कि आखिर समस्याओं से जूझते कोरबा में सौंदर्यीकरण और सजावट के नाम पर पैसों की बर्बादी किसलिए की जा रही है? पर्यावरण प्रदूषण से बचाने के लिए एक बार सौंदर्यीकरण जायज है लेकिन सजावट के नाम पर बर्बादी क्यों?

आखिर यहां जब ट्रैफिक सिग्नल लाल होता है तो बमुश्किल 40 से 50 सेकंड का ठहराव निर्धारित किया गया है, वह भी नियम नहीं मानने वाले फर्राटा भरकर निकल जाते हैं। फिर ठहरने वाले लोगों को इसी बात का इंतजार रहता है कि कब सिग्नल ग्रीन हो और वह आगे बढ़े। ऐसे में यहां पर फॉल सीलिंग और लाइटिंग की कोई दरकार दूर-दूर तक समझ में नहीं आ रही है। लोगों ने इसे पैसे की बर्बादी करार दिया है तो वहीं ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की मंशा भी बताई गई है। इसे नेताओं और अधिकारियों की अदूरदर्शिता कहने से भी लोग परहेज नहीं कर रहे। लोग तो यह भी कहने से नहीं चूकते कि निगम में कमजोर विपक्ष ऐसे कार्यो का हिसाब तक नहीं मांग सकता, विरोध की बात तो दूर।
यहां इस कार्य में लगे लोगों का भी मानना है कि आखिर यह सब पैसे की ही बर्बादी है। भला फॉल सीलिंग और लाइट लगाने का क्या औचित्य है? क्या यह कोई सेल्फी पॉइंट है या लोग यहां रुक कर रील बनाएंगे। बातों ही बातों में इस पर भी सवाल उठ गया कि इस कार्य का टेंडर हुआ नहीं है, टेंडर से पहले ही कार्य को अंजाम दिया जा रहा है! इस तरफ का काम खत्म होने के बाद दूसरे साइड के शेड में भी इसी तरह की एसीपी (एल्युमिनियम कम्पोजिट पैनल) और लाइट लगाने का काम आगामी दिनों में कराया जाएगा।






