👉🏻ऊर्जानगर में B1/77 मामले में जानबूझकर परेशान करने का लगाया आरोप
कोरबा/गेवरा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के गेवरा क्षेत्र में उर्जानगर स्थित क्वार्टर नंबर B1/77 को लेकर प्रबंधन और क्वार्टर में रह रहे महेंद्र सिंह के बीच विवाद सामने आया है। SECL के गेवरा क्षेत्र के स्टाफ ऑफिसर (HR) ने 17 अगस्त 2026 को महेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर क्वार्टर के कथित अनधिकृत कब्जे पर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था।
नोटिस में SECL ने कहा है कि महेंद्र सिंह कंपनी के कर्मचारी नहीं हैं और बिना सक्षम प्राधिकारी की वैध अनुमति या आवंटन के क्वार्टर में रह रहे हैं। इसे कंपनी की आवास आवंटन नियमावली का उल्लंघन बताते हुए प्रबंधन ने वैध अनुमति से संबंधित दस्तावेजों के साथ लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा। नोटिस में यह भी कहा गया कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर क्वार्टर खाली कराने और नियमानुसार संबंधित शुल्क की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।
👉🏻हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का दिया हवाला
इधर, नोटिस के जवाब में अंकित सिंह ने महेंद्र सिंह की ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के रूप में, प्रबंधन को पत्र दिया है। जवाब में कहा गया है कि क्वार्टर B1/77 पहले से ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबित WPC No. 6415/2024 का विषय है। पत्र के अनुसार यह याचिका Ankit Singh Vs. The Chief Managing Director & Ors. के नाम से 18 दिसंबर 2024 को दायर की गई थी।
जवाब में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त मामले में अंतरिम राहत/स्टे के लिए I.A. No. 1/2024 लंबित है और ई-कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार मामले की अगली तारीख अभी स्पेशल मेडिएशन डाइव के लिए निर्धारित नहीं हुई है।
अंकित सिंह ने अपने जवाब में कहा है कि इसी क्वार्टर और इसी कारण से संबंधित नया शो-कॉज नोटिस जारी करना हाईकोर्ट में लंबित मामले के दौरान उचित नहीं है और इसे न्यायालय की कार्यवाही में हस्तक्षेप के रूप में देखा जा सकता है। इसलिए उन्होंने 17 अगस्त 2026 के नोटिस को WPC No. 6415/2024 के अंतिम निपटारे तक प्रभावहीन रखने का अनुरोध किया है।
👉🏻अब मामला यह है कि एक ओर SECL ने क्वार्टर को अनधिकृत कब्जा बताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी ओर क्वार्टर में रहने वाले पक्ष ने उसी आवास को लेकर हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देकर नोटिस पर रोक लगाने की मांग की है।





