👉🏻 कांग्रेस नेता ने अधिवक्ता से मारपीट कर जान की धमकी दी थी
👉🏻 एफआईआर दर्ज नहीं करने के विरुद्ध पीड़ित ने दायर किया परिवाद,हुआ आदेश
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। न्यायालय ने टीआई पर न्यायालय की अवज्ञा का जुर्म दर्ज किया है।
न्यायालय सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक घटना दिनांक 01.05.2023 को दोपहर लगभग 02 बजे वरिष्ठ अधिवक्ता के भाई अशोक साहू के जमीन की नाप हो रही थी। आरआई, पटवारी, कोटवार एवं उनका अमला उपस्थित था एवं जमीन का नापजोख कर रहे थे। परिवादी के बगल वाले जमीन का पंकज तिवारी जो कांग्रेस का नेता है वहां पहुंचा और उसके द्वारा हल्का पटवारी एवं आर आई को नापजोख के लिए मना किया गया था और कहा कि इसका नापजोख पहले से हो गया है और अब नापजोख नहीं करने दूंगा। उसके यह कहे जाने पर परिवादी के द्वारा कहा गया कि नाप होने दो, स्थिति साफ हो जायेगी तब पंकज तिवारी के द्वारा परिवादी अधिवक्ता के गाल पर हाथ से थप्पड़ मार दिया तथा अश्लील गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि उसके इनोवा कार में रॉड है जिससे मारकर यहीं गाड़ देगा। उक्त घटना की लिखित शिकायत करने पर थाना पेण्ड्रा में थाना प्रभारी के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया।
अभियुक्त पंकज कुमार तिवारी के विरूद्ध थाना प्रभारी द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर परिवादी ने 16 05.2023 को पुलिस अधीक्षक जिला जीपीएम के समक्ष शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया किन्तु कोई कार्रवाई न होने पर न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी पेण्ड्रारोड में परिवाद प्रस्तुत किया। पक्षकार विरूद्ध पंकज तिवारी में पारित आदेश दिनांक 31.10.2023 में तात्कालीन पीठासीन अधिकारी के द्वारा थाना प्रभारी थाना पेण्ड्रा को यह निर्देशित किया गया था कि अभियुक्त पंकज तिवारी के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा-294, 506 भाग-दो, 323 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर उक्त अपराध का अन्वेषण करे तथा अन्वेषण उपरांत अंतिम प्रतिवेदन के रूप में यदि अपराध बनता हो तो अभियोग पत्र अन्यथा की दशा में खात्मा या खारजी प्रस्तुत करें।
न्यायालय के उक्त आदेश के परिपालन में थाना पेण्ड्रा के विवेचक ने अन्वेषण उपरांत अभियुक्त पंकज कुमार तिवारी के विरूद्ध अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र दिनांक 31.12.2024 को पेश किया।
वर्तमान विचाराधीन परिवाद में न्यायालय ने पाया कि परिवादी के द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक साक्ष्यों के साक्ष्य के अवलोकन एवं उसके द्वारा अपने परिवाद पत्र के समर्थन में प्रस्तुत दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि घटना के समय थाना पेण्ड्रा में पदस्थ तात्कालीन थाना प्रभारी ने घटना की सूचना देने के बावजूद भी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं किया। इससे दर्शित है कि थाना प्रभारी थाना पेण्ड्रा जो कि एक लोक सेवक है, उसके द्वारा अपने पदीय कर्तव्य का विधि के अधीन निर्देश की अवज्ञा किया गया है।
उपरोक्तानुसार अभियुक्त थाना प्रभारी के विरूद्ध धारा-166 (क), 166 (ख) भारतीय दंड संहिता की कार्यवाही हेतु धारा-203 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत कार्यवाही किये जाने के पर्याप्त आधार दर्शित है। पारित आदेश में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी द्वारा अभियुक्त तत्कालीन थाना प्रभारी थाना-पेण्ड्रा के विरूद्ध न्यायालय की अवज्ञा के आरोप में धारा-166 (क), 166 (ख) भा०द०सं० के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। अभियुक्त की उपस्थिति हेतु 28.01.2026 की तिथि नियत की गई है।







