👉🏻जल जीवन मिशन के 5 हजार करोड़ के बिल लटके
👉🏻तीन साल से भुगतान नहीं मिलने पर फूटा गुस्सा
👉🏻अगला कदम: सभी जिलों में भाजपा कार्यालयों का घेराव करेंगे ठेकेदार
रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाले ठेकेदारों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। तीन साल से भुगतान अटके होने और करीब 5 हजार करोड़ रुपये की राशि बकाया होने से परेशान ठेकेदारों ने मंगलवार को राजधानी रायपुर में कटोरा लेकर भीख मांगते हुए प्रदर्शन किया। ठेकेदारों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए अपने बकाया भुगतान की मांग उठाई। अर्धनग्न अवस्था में ठेकेदारों के द्वारा भीख मांगने के बाद इकट्ठा की गई राशि अधिकारियों को कमीशन के तौर पर देने की बात कही गई। इनका कहना है कि अधिकारी को कमीशन देंगे तभी तो हमारा बिल बनेगा, पुटअप होगा और फिर भुगतान की संभावना बढ़ेगी।
👉🏻 किसी भी सरकार में ऐसा पहली बार
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि किसी भी सरकार के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब ठेकेदारों का भुगतान लगातार तीन साल से अटका हुआ है। अपनी ही मेहनत की कमाई पाने के लिए ठेकेदारों को विरोध प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों से कई बार चर्चा की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
👉🏻कमीशन के आरोप, भुगतान नहीं होने से बढ़ी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने कमीशन के नाम पर काम आगे बढ़ने में बाधा आने के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि जल जीवन मिशन के काम पूरे कराने के बाद भी भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बकाया राशि के चलते ठेकेदारों के सामने कर्मचारियों, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और अन्य देनदारियों का भुगतान करना मुश्किल हो गया है।
👉🏻अब भाजपा कार्यालयों का घेराव करने की तैयारी
लगातार मांग उठाने के बावजूद भुगतान नहीं होने से नाराज ठेकेदारों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अब प्रदेश के सभी जिलों में भाजपा कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। ठेकेदारों का कहना है कि जब तक उनके बकाया भुगतान को लेकर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
👉🏻जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाना है, लेकिन भुगतान में लंबे समय से हो रही देरी ने योजना का काम करने वाले ठेकेदारों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। अब कटोरा लेकर प्रदर्शन के बाद आंदोलन का अगला पड़ाव जिला स्तर पर भाजपा कार्यालयों का घेराव होगा।





