👉🏻 बालको में घरेलू गैस की जमाखोरी पकड़ाई, कार्रवाई जारी
कोरबा। अभी जब मिडिल ईस्ट में युद्ध का दौर चल रहा है तब ऐसे में घरेलू गैस सिलेंडर की जमाखोरी/कालाबाजारी और ब्लैक मार्केट में ऊंचे दर पर बिक्री करने के मामले सामने आने लगे है। जिन्हें कालाबाजारी करने की आदत पड़ चुकी है, वे आखिर इस मौके का फायदा कैसे ना उठाएं। कोरबा जिले में प्रशासन की तमाम निगरानी,सख्ती और निर्देशों के बावजूद जिन्हें दूसरों की मजबूरी का फायदा उठाना है वह उसकी जेब ढीली करा ही लेंगे। यह समय होटल, ढाबा,रेस्टोरेंट और ठेला-खोमचा संचालकों के लिए भारी पड़ रहा है क्योंकि उन्हें कमर्शियल उपयोग वाला गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। सरकार ने फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। ऐसे में इनकी निर्भरता कोयला और लकड़ी पर बढ़ती है लेकिन अब इनके पास सिगड़ी,चूल्हा, भट्ठी जैसा ऑप्शन ज्यादातर लोगों के पास नहीं होने से उनके लिए सिलेंडर ही विकल्प है। घरेलू सिलेंडर से छोटे-छोटे व्यवसायी काम चलाकर अपनी रोजी-रोटी बचाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसे में कुछ लोगों ने बताया कि उनके समक्ष बड़ी मजबूरी उत्पन्न हो गई है और इसका फायदा ब्लैक में सिलेंडर देने वाले उठा रहे हैं। एक संचालक ने बताया कि उसने आज ही 1600 रुपये में एक घरेलू सिलेंडर प्राप्त किया। इसके लिए उसे कोई ओटीपी आदि देना नहीं पड़ा। बस पैसा दो और सिलेंडर लो।
👉🏻पवन जनरल स्टोर्स से 15 घरेलू गैस सिलेंडर जप्त
गैस सिलेंडर की संभावित जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए अब जब कार्रवाई हो रही है तो अवैध मामले पकड़ में आने लगे हैं।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के स्पष्ट निर्देशों के तहत जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडरों के दुरुपयोग पर प्रभावी रोकथाम हेतु सघन अभियान की कड़ी में आज राजस्व एवं खाद्य विभाग ने बालको रोड, चेक पोस्ट स्थित पवन जनरल स्टोर्स के प्रतिष्ठान एवं उससे संबंधित भंडारण स्थलों/गोदामों का आकस्मिक निरीक्षण किया। संयुक्त दल को प्रतिष्ठान द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग एवं अनाधिकृत भंडारण किए जाने के महत्वपूर्ण प्रमाण प्राप्त हुए। जांच में कुल 15 नग घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर अवैध रूप से संधारित अवस्था में पाए गए, जिन्हें नियमानुसार तत्काल प्रभाव से जप्त कर लिया गया है। जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम कँवर द्वारा बताया गया कि यहाँ एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडरों में रिफलिंग कर ब्लैक में अधिक कीमत पर बेचा भी जाता था।





