🫵🏻 कम्पनी ने अपनी जमीन से बोर्ड उखड़वाया तो तैश में आ गए उपायुक्त
कोरबा। नगर पालिक निगम में उपायुक्त (DMC) (राज्य प्रशासनिक सेवा,डिप्टी कलेक्टर) नीरज कौशिक की कार्यप्रणाली को लेकर सीएसईबी के अधिकारी वर्ग में नाराजगी है। DMC द्वारा बिना कोई सूचना दिए सीएसईबी के आधिपत्य वाली सुरक्षा बाउंड्रीवॉल को तुड़वा दिया गया। इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है।
यह घटनाक्रम 20 फरवरी का 2026 है। नगर निगम द्वारा प्लांट गेट के सामने लगाये गए बोर्ड को कंपनी प्रबंधन के निर्देश पर हटाने के बाद DMC ने अपनी मनमानी को अंजाम दिया।
बताया गया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह के प्लांट गेट के सामने बने तिकोना में सिविल विंग द्वारा फुलवारी पौधे लगाए गए हैं। 23 जनवरी की संध्या उद्यान अधीक्षक नगर निगम कोरबा द्वारा उक्त तिकोना में मोनूमेन्ट्स लगाने की इच्छा जाहिर की गई जिसके तारतम्य में ठेकेदार राठौर एवं उद्यान अधिक्षक ने मुख्य अभियंता उत्पादन कंपनी के समक्ष उपस्थित होकर अनुमति ली तथा मोनूमेन्ट्स लगाया गया। उक्त स्थान पर ही एक बोर्ड लगाया गया था जिस पर मुख्य अभियंता उत्पादन द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई तथा एस ई सिविल को निर्देश दिये गये। निर्देश के परिपालन में उक्त स्थान पर लगाये गये बोर्ड को हटा दिया गया। इसके बाद सुबह लगभग 11.30 बजे ठेकेदार राठौर ने तिकोना स्थल पर आकर किसी निगम अधिकारी से फोन पर चर्चा करने हेतु अपने फोन से प्रभारी कार्यपालन अभियंता सिविल (DSPM) से बात कराना चाहा जिस पर उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। इसके कुछ समय उपरांत नीरज कौशिक डीएमसी अधिकारी आकर बहसबाजी करने लगे तथा ठेकेदार श्री राठौर के साथ अप्पू र्गाडन के पास जाकर सी.एस.ई.बी. की भूमि पर निर्मित बाउंड्री वॉल जेसीबी के माध्यम से तोड़वा दी गई। बाउंड्री वॉल तोड़वाने के पहले नगर निगम के द्वारा नोटिस नहीं दी गई।
🫵🏻 सिविल आचरण के विरुद्ध कार्य

डीएमसी अधिकारी नीरज कौशिक के रवैये से काफी नाराजगी है तथा शासकीय कार्य को उनके द्वारा नुकसान किया गया है। कहा गया है कि कंपनी प्रबंधन ने नगर निगम द्वारा कराये कार्य को जनहितैषी मानकर मौन स्वीकृति दी गई थी किन्तु नीरज कौशिक का व्यवहार, काफी उत्तेजक आक्रोशित होकर शासन के कार्य को क्षति पहुंचाना सिविल आचरण अधिनियम के विरुद्ध है। कलेक्टर से आग्रह किया गया है कि संबंधित अधिकारी डीएमसी को उचित दिशा-निर्देश प्रदान करें।
🫵🏻 CSEB की ही जमीन पर सारे निर्माण कराए हैं निगम ने
बता दें कि नगर निगम द्वारा सीएसईबी की काबिज भूमि पर ही सीएसईबी चौक आटो स्टैण्ड के नजदीक विभिन्न प्रकार के मोनूमेन्ट्स, शौचालय एवं वाटर हेड टैंक बनाया गया है। साथ ही साथ नगर निगम द्वारा निर्मित जलशोधन संयंत्र, उप स्वास्थय केंद, (साकेत भवन, अप्पू गार्डन एवं नवनिर्मित अटल परिसर सी.एस.ई.बी. के ही अधिपत्य के भूमि पर निर्मित है। शासन हित को ध्यान में रखते हुए विकास एवं मूलभूत आवश्यकता को दृष्टिगत रखा गया है। जिस बावत् नगर निगम द्वारा अनापत्ति भी नहीं लिया गया एवं लीज भी निरस्त नहीं की गई है। इतने सहयोग के बावजूद डीएमसी के द्वारा आवेश में आकर बिना सोचे-समझे किए गए कार्य से नाराजगी तो जायज है। इस नुकसान की भरपाई आखिर कौन करेगा..? डीएमसी का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क किया गया किन्तु फोन नहीं उठा।






