👉🏻जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित, निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लोगों में आक्रोश
कोरबा। लगातार हो रही बारिश के बीच कोरबा शहर का सबसे बड़ा नाला उफान पर आ गया। नाले का पानी सीतामणी बस्ती के वैष्णो दरबार मोहल्ला, केवट मोहल्ला सहित आसपास के रिहायशी इलाकों में घुस गया। बताया जा रहा है कि 100 से अधिक घर जलभराव की चपेट में आ गए हैं। वहीं प्राचीन राम गुफा मंदिर परिसर में भी पानी पहुंचने से लोगों में हड़कंप मच गया।
अचानक बढ़े जलस्तर के कारण लोगों को घरों से पानी निकालने और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जलभराव के चलते स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है।
👉🏻हर साल सामने आती है समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल नाले के उफान पर आने से आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बनती है। लोगों का आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद नाले की सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराने, प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और नाले की सफाई कराने की मांग की है।
👉🏻स्थायी समाधान की मांग
लोगों का कहना है कि केवल बारिश के दौरान पानी निकालने की व्यवस्था करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नाले की सफाई, जल निकासी की क्षमता बढ़ाने और प्रभावित बस्तियों में स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है।
लगातार बारिश के बीच बिगड़ते हालात ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रभावित इलाकों में राहत और जल निकासी के लिए कितनी जल्दी कदम उठाता है।






