कोरबा। देश के “लौहपुरुष” सरदार बल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती 31 अक्टूबर को जहां धूमधाम से मनाई गई और एकता का संदेश देने पर “रन फ़ॉर यूनिटी” का आयोजन जिला प्रशासन ने कराया वहीं पुण्यतिथि पर इन्हें बिसार दिया गया।
सरदार पटेल का 15 दिसम्बर 1950 को देवलोकगमन हो गया। इस बार उनकी पुण्यतिथि पर प्रतिमा एक अदद माला को तरस गई। नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत साडा कालोनी उनके नाम पर बसाई गई है और यहां आदमकद प्रतिमा भी स्थापित है।

न क्षेत्र और न ही जिले के भाजपा-कांग्रेस नेताओं को इनकी सुध आई और न ही प्रशासनिक स्तर पर सुध ली गई और न ही उन्हें अपने समाज का बताने वालों ने। सरदार पटेल की धूल धुसरित प्रतिमा नाम ले-लेकर दुहाई देने वाले नेताओं के लिए तरस गई। यूनिटी का सूत्र देश को देने वाले महापुरुष के लिए नेताओं के पास कोई वक्त नहीं निकला।






