👉🏻शासन-प्रशासन की आँख में धूल झोंक रहे पंचायत प्रतिनिधि व सचिव
👉🏻इसके पहले बरीडीह में भी दफन कर दिए तालाब,आज तक नहीं मिली सजा,फाइल ही दबा दिए
👉🏻कोरबा जिले में नदी-तालाब पाट देना आम बात हो गई
कोरबा। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की गाइडलाइन से भी परे जाकर कोरबा जिले में जलस्रोतों को दफन करने के कार्य हो रहे हैं। यहां नदी-तालाबों का संरक्षण तो दूर, जिंदा नदी-तालाबों को पाटना आम बात सी हो गई है। पुराने प्राचीन तालाबों से लेकर विभिन्न योजनाओं के तहत खोदे गए कई तालाब अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं,जबकि इन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता पर बार-बार जोर दिया जाता है।
वर्तमान में यह मामला करतला जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा में सामने आया है। यहां पूर्व में सितंबर माह 2025 में जारी एक पंचायत प्रस्ताव के अनुसार बैगा डोंगरी के बगल की जमीन खसरा नंबर 359/1 को ज्यादा ऊबड़-खाबड़ होना और गड्ढे होने से अनुपयोगी बताकर इसमें राख से पटाई करने और फिर मिट्टी फीलिंग करने का प्रस्ताव सरपंच यशोदा बाई की अध्यक्षता में पारित किया गया। सचिव-सरपंच सहित 17 पंचों की सहमति इसमें दी गई। इस प्रस्ताव के आधार पर उक्त ऊबड़-खाबड़ जमीन के समतलीकरण हेतु राखड़ भराव करने की आड़ में बड़े पैमाने पर राख जिंदा तालाब में भी समाहित की जा रही है। कुल मिलाकर तालाब का अस्तित्व खत्म करने की दिशा में कार्य हो रहा है और यह सब सरपंच-सचिव एवं पंचों की जानकारी में न हो, यह सम्भव नहीं।
👉🏻5 लाख रुपए से गहरीकरण कराया गया था

जिस तालाब को गड्ढे की आड़ में राखड़ से पाटने का काम हो रहा है उसके लिए वर्ष 2018 में जनपद पंचायत विकास निधि से 5 लाख रुपये जारी किए गए थे। डोंगरी डबरी के नाम से इस तालाब की पहचान है। वर्ष 2018-19 में सरपंच-सचिव के प्रस्ताव अनुसार इस तालाब को गहरीकरण करने के लिए 5 लाख रुपये की स्वीकृति तत्कालीन जनपद सीईओ के द्वारा जारी की गई थी। लाखों रुपए तालाब के निर्माण में खर्च करने के बाद उसके गहरीकरण में भी राशि खर्च की गई और अब लाखों के इसी तालाब को राखड़ से पाट कर उसका अस्तित्व मिटाया जा रहा है। सवाल है कि क्या इसके गुनहगारों पर कानून का शिकंजा कसेगा? जल स्रोतों को नष्ट करने वालों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई होगी या फिर कोरबा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम बरीडीह में जिस तरह से 13 लाख के मनरेगा निर्मित तालाब को रसूखदारों ने दफन कर दिया और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिला पंचायत में फाइल दबा दी गई, ऐसा कुछ इस डोंगरी तालाब के साथ भी होगा? दूसरी तरफ ऐसा कृत्य करने पर जांजगीर-चाम्पा जिले में सरपंची चली गई,एफआईआर भी हुई।




