👉🏻 मंत्री जी के निर्देश पर कब तक शराब दुकान शिफ्टिंग….? इसका इंतजार
कोरबा। कोरबा पुराना मुख्य शहर की सड़कों और गलियां मयखाना में तब्दील होती जा रही हैं। शराब खरीदने के बाद कभी दुकान के परिसर में ही तो कभी सड़क पर तो कभी अगल-बगल की गलियों के भीतर डिस्पोजल में शराब उड़ेल कर वहीं मयखाना बना लिया जाता है। यह तस्वीर किसी एक दिन की नहीं बल्कि हर दिन की बात है और दिन भर में दर्जनों लोग इस तरह की हरकत को अंजाम देते हैं। सड़क पर ही शराब पीकर इधर-उधर कचरा भी कर दिया जाता है। शीशी बोतल भी सड़क पर फेंक दिए जाते हैं। मना करने पर विवाद किया जाता है और शराब दुकान के कर्मचारी तो किसी भी व्यवस्था पर ध्यान ही नहीं देते। दिनों-दिन यह मुसीबत बढ़ती ही जा रही है जो अभी फिलहाल कुछ ज्यादा ही तकलीफदेह होने लगी है।
👉🏻 आवश्यक कार्रवाई हेतु आबकारी मंत्री ने दिए निर्देश
स्थानीय लोगों ने पिछले दिनों प्रदेश के आबकारी मंत्री एवं कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन से मिलकर अपनी पीड़ा तीसरी बार व्यक्त की। उन्होंने 14 फरवरी को जिला आबकारी अधिकारी को शराब दुकान शिफ्टिंग के लिए आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देशित कर दिया है। अब देखना यह है कि इस निर्देश का पालन आबकारी विभाग कब तक कर पाएगा? आबकारी विभाग के अधिकारियों की मानें तो उनके द्वारा इस हेतु प्रयास शुरू कर दिया गया है लेकिन जिस तरह की सुस्त चाल है, उससे इस बात को लेकर दुविधा बनी हुई है कि इसे जल्द मूर्त रूप दिया जाएगा या फिर कछुआ चाल रहेगी।
👉🏻 लोगों का सुझाव
स्थानीय लोगों का सुझाव है कि क्षेत्र से लगे आउटर में सरकारी जमीन है, खाली पड़ी है और इन जमीनों पर अवैध कब्जा हो रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन और आबकारी विभाग प्रयास करते हुए एक भवन बनवाकर शराब दुकान संचालन के लिए उपलब्ध करा सकते हैं।








