कोरबा। छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के बांकीमोंगरा अंतर्गत ग्राम ढपढप में आयोजित हो रही श्री हनुमंत कथा के आज पांचवें और अंतिम दिवस छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका शामिल होने पहुंचे।

उन्होंने अग्रसेन भवन में पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मिलकर आशीर्वचन प्राप्त किया। पंडित शास्त्री ने हनुमान जी की मूर्ति राज्यपाल को भेंट की।

कथा स्थल पर 108 वर-वधुओं को दांपत्य सूत्र में आबद्ध होने उपरांत उन्हें राज्यपाल के द्वारा आशीर्वाद प्रदान किया गया।
बागेश्वर सरकार के सानिध्य में विवाह का यह आयोजन संपन्न हुआ जिसे मां सर्वमङ्गला देवी मंदिर के प्रमुख नमन पांडे (नन्हा)के द्वारा सहयोग से संपन्न कराया गया। इस कार्य में अन्य लोगों ने भी अपनी सहभागिता निभाई।
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया जिनमें दिव्यांग कन्याएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संसार में कन्यादान से बड़ा दूसरा कोई दान नहीं होता पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस अवसर पर विवाह गीत गाते हुए ठुमके भी लगाए और झूमते नजर आए।
दूल्हों के साथ बाबा को नाचते देख भक्तजन भी थिरक उठे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सभी नव दंपत्तियों को सुखी जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया
भक्ति और विवाह के गीतों से सारा माहौल एक अलग ही रंग में रंगा नजर आया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने बाबा को स्मृति चिन्ह और प्रसाद भेंट किया।
अंतिम दिवस सुंदरकांड की कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अशोक वाटिका में हनुमान जी के प्रवेश से कथा को विश्राम दिया। भक्तों द्वारा लाए गए नारियल को अभिमंन्त्रित करने के पश्चात निर्गुण भजन- चोला माटी के हे राम, एकर का भरोसा…. का गायन कर हनुमान जी की आरती पश्चात उपस्थित सभी भक्तों से विदा ली। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम छतरपुर (मध्यप्रदेश) के लिए प्रस्थान कर गए। उनकी अगली कथा बिलासपुर में प्रस्तावित है। कोरबा के वनांचल ग्राम में कथा आयोजन कराने के लिए उन्होंने अमरजीत सिंह, डॉ. पवन सिंह, राणा मुखर्जी, बसंत अग्रवाल आदि को साधुवाद दिया।






