👉🏻 कोरबा निगम में सम्मान के लिए संघर्ष,जमीन पर बैठे सभापति
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के द्वारा 6 जून को आयोजित विभिन्न चौक-चौराहा पर लोकार्पण कार्यक्रम और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के लिए चार्जिंग सेंटर का लोकार्पण के अवसर पर आमंत्रण नहीं दिए जाने को लेकर नाराजगी का आलम है। कैबिनेट मंत्री लखन देवांगन के मुख्य आतिथ्य में यह सारे कार्यक्रम हुए लेकिन इसमें शामिल होने के लिए ना तो महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और ना ही सभापति नूतन सिंह ठाकुर को आमंत्रित किया गया। इसे लेकर 7 जून को ही अपनी नाराजगी सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने जाहिर कर दी थी। शनिवार और रविवार अवकाश का दिन होने के कारण 8 जून सोमवार को सभापति दी गई चेतावनी के तहत कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठे और अपना कामकाज किया।
इधर, सभापति के कुर्सी छोड़ने के साथ ही निगम के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गई। आनन-फानन में निगम आयुक्त के द्वारा नगर निगम के प्रभारी सचिव गणेश्वर सिंह कंवर (सही नाम- रामेश्वर कंवर) को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया गया। उनसे पूछा गया है कि आखिर महापौर और सभापति को उक्त कार्यक्रम का आमंत्रण क्यों नहीं दिया? गया तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण का जवाब देने संबंधी नोटिस 8 जून को जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अब देखना यह है कि सभापति की मांग पर जब कमिश्नर ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी सचिव को नोटिस जारी कर दिया है, तब क्या उनका गुस्सा शांत होगा या फिर स्पष्टीकरण का जवाब आने और कार्रवाई होने तक सभापति अपनी कुर्सी का त्याग करेंगे और जमीन पर बैठकर कामकाज निपटाएंगे…? सवाल भी है कि- क्या यह मात्र एक प्रशासनिक चूक थी, या राजनीतिक साजिश का हिस्सा..? वर्तमान की दशा को देख कर कुछ भी सम्भव है।







