👉🏻निकायों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के कामकाज में दखलंदाजी रोकने राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना
रायपुर/कोरबा। निर्वाचन के माध्यम से निर्वाचित होकर नगरीय निकायों में पहुंचने वाली महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में जहां सरकार काम कर रही है वहीं ऐसी महिला जनप्रतिनिधियों के कामकाज में उनके पति से लेकर अन्य रिश्तेदारों की दखलअंदाजी कई तरीकों से होती रही है। ज्यादातर मामलों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के पति व रिश्तेदारों को माननीयों के द्वारा किसी न किसी विभाग का प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया जाता है। ऐसे में वह महिला जनप्रतिनिधि के कामकाज में दखल देते हैं, बैठकों तक मे शामिल होते हैं, वे ही बिहाफ में फैसला लेते हैं, जिसे लेकर कई बार शिकायतें हुई हैं। हाल ही में कोरबा जिले की नगर पंचायत छुरीकला की अध्यक्ष के पति को लेकर शिकायत शासन स्तर पर हुई। इसके बाद माना जा रहा था कि कोई सख्त कदम उठाया जाएगा। इसी कड़ी में शासन ने नियम में संशोधन किया है। माना जा रहा है कि इसके बाद महिला जनप्रतिनिधियों के कामकाज में रिश्तेदारों की दखल रुकेगी लेकिन इसे व्यावहारिक तौर पर सख्ती से धरातल पर लाने की जरूरत है।
अब,राज्य शासन ने नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक लगा दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगर पालिक (लोकसभा सदस्य या राज्य विधानसभा के सदस्य या राज्य सभा के सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन हेतु अर्हताएँ) नियम, 2022 में संशोधन कर अधिसूचना प्रकाशित की है।
छत्तीसगढ़ राजपत्र में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ नगर पालिक नियम, 2022 में नवीन संशोधन के अनुसार किसी भी नगरीय निकाय में, निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा किसी अन्य निकट पारिवारिक, सदस्य या नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि अथवा समन्वयक व्यक्ति के रूप में नाम-निर्दिष्ट अथवा नियुक्त नहीं किया जाएगा। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह प्रतिबंध सभी नगरीय निकायों में लागू हो गया है।





