कोरबा। “जिसकी पत्नी कलेक्टर, जो स्वयं प्रभारी DFO रहा और अभी मेरा SDO वही चोर निकला, वाह रे सिस्टम,,,,,परंमतंत्र”……इस कमेंट से साथ वन कर्मी शेखर सिंह ने सोशल मीडिया पर मीम बनाकर पोस्ट किया है।
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एसडीओ संजय त्रिपाठी पर विभाग के उच्च अधिकारियों की मेहरबानी विभागीय कर्मियों की भी समझ से परे है,कि जांच उपरांत निर्णित कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। इस तरह की कार्यशैली से उनका भी मनोबल बढ़ता है जो इनके संरक्षण में रहकर काम करते हैं,ठेकेदारी करते हैं। संजय त्रिपाठी को लेकर बात तो यहां तक निकल चुकी है कि इन्होंने अपने एक मित्र को आरटीआई कार्यकर्ता बना रखा है जो उनके ही द्वारा विभाग के संबंध में दी जाने वाली आंतरिक जानकारी को लेकर आरटीआई (सूचना का अधिकार) में आवेदन लगता है और फिर यह दोनों मिलकर उसमें सेटिंग भी करते हैं।







