कोरबा । आज का दिन केवल शुभकामनाएँ देने का दिन नहीं, बल्कि उन महान समुदायों की संस्कृति, परंपरा, अस्मिता, संघर्ष और प्रकृति के प्रति उनके अद्भुत प्रेम को सम्मान देने का दिन है, जिन्होंने पीढ़ियों से अपनी सभ्यता और परंपराओं को जीवित रखा है।
आदिवासी समाज हमारी देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है, उनकी अपनी विशिष्ट भाषा, वेशभूषा, लोकगीत, लोकनृत्य, कला, रीति-रिवाज, परंपराएँ और जीवन जीने की अलग पहचान है,प्रकृति उनके जीवन का महत्वपूर्ण आधार रही है,जंगल, जल, जमीन, पहाड़ और वन्यजीवों के साथ उनका सदियों पुराना रिश्ता हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीने की प्रेरणा देता है।
प्रकृति और आदिवासी जीवन का रिश्ता
आदिवासी समाज ने सदियों से जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को केवल उपयोग की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा और अपनी विरासत माना है, उनके पारंपरिक ज्ञान में वनस्पतियों, औषधीय पौधों, मौसम, जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही है।
विश्व आदिवासी दिवस क्यों मनाया जाता है?
हर वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है,संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1994 में 9 अगस्त को International Day of the World’s Indigenous Peoples के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
इस दिवस का उद्देश्य दुनिया भर के आदिवासी समुदायों के अधिकारों, सम्मान, संस्कृति, भाषा, परंपराओं और पहचान के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है,साथ ही, आदिवासी समुदायों के सामने आने वाली सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक चुनौतियों पर भी ध्यान आकर्षित करना है।
आज के इस विशेष अवसर पर मैं देश और प्रदेश के सभी आदिवासी भाई-बहनों को हृदय से नमन करते हुए विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ।
हमारी आदिवासी संस्कृति केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हमारी सामाजिक और प्राकृतिक विरासत को समृद्ध कर रही है,उनकी परंपराओं का सम्मान, संस्कृति का संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों तक उनके ज्ञान को पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
आइए, इस विश्व आदिवासी दिवस पर हम संकल्प लें कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से उनके गहरे रिश्ते का सम्मान करेंगे तथा उनके अधिकारों और सम्मान के प्रति हमेशा संवेदनशील रहेंगे।
जल, जंगल और जमीन के साथ सदियों से जुड़ी इस महान संस्कृति को नमन।
विश्व आदिवासी दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
जितेंद्र सारथी
प्रमुख
वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम कोरबा, (छत्तीसगढ़)
8817534455,7999622151







