👉🏻 “समस्या रूपी कोढ़” में “खाज” बने “तार चोर”,बिजली विभाग को सवा 2 लाख की चपत
कोरबा। एक तरफ जब जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आम जनता लचर बिजली व्यवस्था और कई तरह की जन सुविधा को लेकर मौजूदा “समस्याओं रूपी कोढ़” का दंश झेल रही है तो वहीं इस “समस्या रूपी कोढ़” में “खाज”का काम “चोर” कर कर रहे हैं। ऐसे बेशर्म चोरों की वजह से नई विद्युत लाइन योजनाओं को न सिर्फ पलीता लग रहा है बल्कि क्षेत्रीय जनता को मिलने वाले लाभ में विलंब होने के साथ-साथ विद्युत वितरण विभाग को भी आर्थिक चोट पहुंच रही है।
बांकीमोगरा थाना क्षेत्र में तार चोर गिरोह ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। निगरानी बदमाश धरम सिंह राजपूत व राजा खान को जेल भेजने के बाद पुलिस को लग रहा था कि इलाके में अब सब कुछ शांत हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है। सच तो यह है कि कोयलांचल के थाना क्षेत्रों में सफेदपोश सरगनाओं की सरपरस्ती जुगलबंदी चल रही है। डीजल, लोहा,कोयला, तांबा, पाइप और तार चोर गिरोह एक-दूसरे के सहयोग से पुलिस की नाक में दम किए हुए हैं। नए नवेले युवकों का यह गिरोह है जो वैसे तो समाज में इज्जतदार माने जाने वाले पेशे से जुड़े सरगना के प्यादे हैं लेकिन स्याह अंधेरे में वे चोरी जैसे करतूत को अंजाम देने में शिद्दत से लगे हुए। ऐसे सफेदपोश सरगनाओं व चोरों से पुलिस के मुखबिरों का नावाकिफ होना थोड़ा संदेहास्पद लगता है।
👉🏻 3100 मीटर तार काट कर ले गए
छत्तीसगढ राज्य विद्युत वितरण कंपनी कटघोरा में सहायक अभियंता रंजित ने बांकीमोंगरा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया है। कटघोरा उपसंभाग के अंतर्गत कटघोरा (ग्रामीण) वितरण केंद्र के ग्राम जवाली से ग्राम सिंघाली के बीच देवरी ग्राम के लिये एवं उसके आसपास के गांवो को नये विद्युत लाइन से जोड़ने के लिये 11 के.व्ही.का नया लाइन खींचा हुआ था। कार्य पूर्ण नहीं होने की वजह से लाइन चालू नहीं किया गया था। उक्त नये 11 के.व्ही. लाइन को दिनांक 12-13 मई की दरम्यानी रात्रि को ग्राम जवाली से सिंघाली के बीच लगभग 1 कि.मी. लाइन के 3100 मीटर लगभग तार चोरी किया गया। इसके लिए 13 नग विद्युत पोल (PCC) को क्षतिग्रस्त कर दिये हैं। चोरी किये गये तार की लागत राशि 186270 रूपये एवं क्षतिग्रस्त किये गये विद्युत पोल की लागत राशि 41548 रूपये है। यह काम अज्ञात चोरों के द्वारा किया गया है। सहायक अभियंता रंजित की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धारा 136-1(a)-LCG, 140-LCG, 3-LCG तथा 303(2), 324(4)- BNS के तहत जुर्म दर्ज पर पता तलाश किया जा रहा है।






