🚩 हिन्दू क्रांति सेना का लगातार 11 वां वर्ष भव्य आयोजन
कोरबा। जिंदगी में घटने वाला कोई एक घटनाक्रम मन-मस्तिष्क पर कुछ इस तरह व्यापक प्रभाव छोड़ जाता है कि इससे सामना करने वाला एक जुनून मन में पाल बैठता है। आज से करीब 12 साल पहले कुछ ऐसे ही घटे सोशल मीडिया के एक घटनाक्रम ने उस समय के युवा लॉ स्टूडेंट राहुल चौधरी के मन में अपने धर्म और हिंदुत्व के प्रति ऐसी छाप छोड़ी कि उसने एक दृढ़ निश्चय कर लिया। हिंदू धर्म से जुड़े तमाम लोगों को जागरुक करते हुए एकजुट करना है, जागरूकता ऐसी हो कि कहीं से कोई आवाज निकले तो लोग अपने धर्म, अपने आराध्य की आस्था, श्री राम-श्री हनुमान के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति से ओत-प्रोत होकर साथ चल पड़ें..।
कुछ ऐसे ही जुनून के साथ वर्ष 2016 में एक छोटे किंतु महत्वपूर्ण और कोरबा में पहली बार हिंदू नव वर्ष के अवसर पर विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। हिंदू क्रांति सेना के बैनर तले यह पहला आयोजन था जिसकी भव्यता देखते ही बनती थी क्योंकि इससे पहले इस तरह का कोई बड़ा आयोजन जिले व शहर में नहीं हुआ था,जहां एक साथ हजारों लोग शामिल हों। पहले वर्ष का आयोजन चुनौतियों भरा था लेकिन हनुमत कृपा से सब कुछ सफल हो गया। इसके बाद तो हिंदू क्रांति सेना से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ-साथ तन-मन से सहयोग करने वाले लोगों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार 10 वर्षों से यह आयोजन हो रहा है। बीते वर्षों में कुछ कठिनाईयां और रुकावटें जरूर आई लेकिन जहां चाह होती है वहां राह निकल ही जाती है। दृढ़ निश्चय ने अपने कदम नहीं डगमगाए। जिन्होंने साथ छोड़ा, वह साथ छोड़ गए लेकिन उनकी जगह कई गुना लोगों ने ली और यह कारवां चलता रहा।
इस आयोजन की प्रसिद्ध पूरे प्रदेश में तो होती ही है लेकिन इस वर्ष यह आयोजन 11 वर्ष में प्रवेश करने के साथ देश के अनेक प्रांतवासियों के दिलों में भी प्रवेश कर गया। 19 मार्च को हिन्दू नव वर्ष के स्वागत में ऐसा ऐतिहासिक अभूतपूर्व आयोजन हुआ जिसकी गूंज चौतरफा होने लगी है। सोशल मीडिया का कोई प्लेटफॉर्म अछूता नहीं है।
11 वें वर्ष का यह आयोजन अपने आप में काफी ऐतिहासिक हो गया है। लगभग 55 से 60 अलग-अलग तरह की झांकियां, जीवंत झांकियां, नृत्य कलाओं का प्रदर्शन करते हुए झांकियां, डीजे धुमाल, लोक परंपरागत करमा नर्तक दलों, राउत नाचा पार्टी से लेकर अन्य तरह की झांकियां के साथ-साथ अफ्रीकन बैण्ड, उड़ीसा का प्रमुख नगाड़ा बैण्ड, पंजाब से बुलाए खालसा बैण्ड, नागपुर महाराष्ट्र की मंडली से लेकर लोक परंपराओं पर आधारित भाव-भंगिमाओं के साथ केरल-तमिलनाडु के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, उज्जैन के महाकाल का दरबार और डमरू वादन, मां काली के रौद्र रूप के साथ विशालकाय शेर पर सवार मां दुर्गा की झांकी, भगवान श्री राम का मनोहारी चित्रण, हनुमान जी की विशाल जीवंत झांकी, नरसिम्हा जी की, झांकी राधा कृष्ण के प्रेम पर आधारित नृत्य नाटिका जैसे तमाम प्रदर्शन को देखकर हर वर्ग के लोग भाव विभोर तथा विशालता को देखकर आश्चर्यचकित होते रहे। यह कारवां ऐसा था जिसका एक सिरा श्री राम जानकी मंदिर सीतामढ़ी से शुरू हुआ तो बढ़ता चला गया लेकिन दूसरा छोर खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था। प्रथम से अंतिम तक का इंताजर ही करीब 3 घण्टे में खत्म हुआ किन्तु लोगों की नजरें थकी नहीं,उत्सुकता थी कि अब क्या दिखने वाला है…!

हजारों नहीं, बल्कि लाखों की संख्या में लोग इस आयोजन से अपने आप को जोड़ने लगे। इस बार तो करीब 2 लाख का विशाल आंकड़ा अनुमानित है। यह एक ऐसा आयोजन है जिसमें ना तो किसी को आमंत्रण देने की जरूरत पड़ती है और ना ही निमंत्रण बल्कि इतना ही काफी है कि हिंदू क्रांति सेना के द्वारा शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें शामिल होने के लिए, इसकी भव्यता और दिव्यता देखने के लिए, डीजे धमाल की धुन पर झूमने-नाचने के लिए लोगों के कदम स्वमेव आगे ही बढ़ते हैं। शाम 4 बजे से लेकर मध्य रात्रि लगभग 2 बजे तक कोरबा शहर, जिला ही नहीं बल्कि पास पड़ोस के जिले के लोग जो इसमें शामिल होने पहुंचे थे, उनकी आंखों से नींद गायब थी, पैरों से थकान गायब थी। सिर्फ और सिर्फ थी तो शोभायात्रा की मस्ती और जय श्री राम-जय हनुमान का जय घोष करते हुए भक्ति की लहर।
🙏🏻 जताया सबके प्रति आभार 🙏🏻
आयोजन कर्ताओं को जगह-जगह से बधाई व शुभकामनाएं मिल रही है। प्रमुख नेतृत्वकर्ता हिंदू क्रांति सेना ने इस पूरे आयोजन के लिए उन तमाम लोगों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है जिन्होंने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर आयोजन में शामिल होकर अपना योगदान देकर,सहयोग प्रदान कर इसे भव्य से भव्यतम और ऐतिहासिक बनाया है। उन सभी संगठनों का भी आभार जताया है जिन्होंने स्टॉल लगाकर शामिल लोगों के लिये व्यवस्थाएं की। हिंदू क्रांति सेना ने जिला और पुलिस प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया है जिनके सहयोग से यह अति विशाल आयोजन बिना किसी बाधा और व्यवधान के शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।




