0 गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान संदिग्ध व असामाजिक तत्वों के हाथों से निकलवाए गए
0 धारदार कड़ा (चूड़ा) को मारपीट में हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे लोग
कोरबा-कटघोरा। जरा-जरा सी बात पर मारपीट कर लेने तथा कई तरह की आपराधिक वारदातों और घटनाओं को अंजाम देने के लिए इन दिनों हथियार के रूप में कड़ा अर्थात हाथ में पहनने वाला चूड़ा को उपयोग में लाया जा रहा है। अक्सर इसे अपने धर्म, ज्योतिष सलाह और शौकिया तौर पर हल्का चांदी-तांबा अथवा स्टील का पहना जाता है, लेकिन वर्तमान दौर में इसका स्वरूप बड़ा होने के साथ-साथ भारी-भरकम और धारदार होने लगा है। हाथ में पहने जाने वाले भारी भरकम, धारदार और तरह-तरह की डिजाइन वाले चूड़ा का इस्तेमाल मारपीट की घटनाओं में ज्यादातर किया जा रहा है।
जिले के थाना-चौकियों में दर्ज होने वाले मारपीट के अपराधों में ज्यादातर लाठी, डंडा व अन्य हथियारों के साथ-साथ चूड़ा का भी उपयोग करना बताया जाता है जिससे सिर में संघतिक चोट पहुंचाई जा रही है।

इसके मद्देनजर भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों में जुटने वाली असामाजिक तत्वों की भीड़ के साथ-साथ किसी भी छोटी सी बात को लेकर उग्र हो सकने वाले युवाओं के अलावा बेवजह का चूड़ा हाथ में पहन कर चलने वाले युवाओं की धरपकड़ जरूरी हो चली है।
कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी और उनकी टीम ने चूड़ा के माध्यम से पहुंचाए जाने वाली संघातिक चोटों और अपराध में इस्तेमाल किए जाने के मद्देनजर ऐहतियात बरती।
0 1100 कड़े जप्त किए गए
कल बुधवार को गणेश विसर्जन के अवसर पर एकत्र हजारों की भीड़ में शामिल असामान्य और असामाजिक तत्वों के रूप में पहचाने गए युवाओं के हाथों से भारी भरकम कड़ों को उतरवाने का अभियान चलाया गया। मारपीट की मिलती सूचनाओं पर जब पुलिस पहुंची तो हाथों में कड़े देखे गए। ऐहतियात के तौर पर ऐसे कड़े उतरवा कर जप्त किए गए। एक ही दिन में लगभग 1100 नग तरह-तरह के भारी भरकम और धारदार कड़ों की जप्ती की गई है जिनका वजन कम से कम 1 क्विंटल आंका गया है।
0 कार्रवाई लगातार जारी रहेगी
टीआई धर्म नारायण तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन और निर्देश पर थाना क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवांछित तौर पर कड़ा पहनने वालों की पहचान करते हुए ऐसे लोगों पर कार्रवाई जारी रहेगी। श्री तिवारी ने नगरजनों से अपील की है कि जिन्हें अपने धर्म और मत अनुसार कड़ा पहनना जरूरी है, वे इसे धारण कर सकते हैं लेकिन इसका किसी भी तरह से हथियार के रूप में इस्तेमाल न करें। वहीं असामाजिक तत्वों, युवाओं को विशेष चेतावनी दी गई है कि वे शौकिया तौर पर सामान्य कड़ा पहनें लेकिन इस तरह के भारी भरकम और धारदार कड़ा पहनने पर जप्ती के साथ-साथ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यवसाईयों से भी अपील की है कि वे इस तरह के भारी भरकम धारदार कड़ों को बेचने से परहेज करें, जिनका इस्तेमाल अक्सर मारपीट और अन्य तरह के अपराधों में हो रहा है व इनसे संघातिक चोटें पहुंचाई जा रही है।







