👉🏻 घटना दिनाँक को संदेही के घर तक पहुंचा था बाघा,यहीं मिले थे मृतक के जूते
👉🏻मानसिक प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित इरने वाला गिरफ्तार
कोरबा। पिछले 10 मई की सुबह ढेंगुरनाला कोहड़िया में बसंत पटेल की रक्तरंजित लाश मिलने के संदेहास्पद मामले की गुत्थी सुलझ गई है। उसकी हत्या नहीं हुई थी, बल्कि उसने खुद ही बीयर की बोतल से अपना गला रेत कर नृशंस आत्महत्या किया था। मामले में पुलिस ने गंभीरता से जांच की।
घटना दिनांक को सीएसईबी पुलिस सहायता केंद्र अंतर्गत ढेंगुरनाला कोहड़िया निवासी बसंत पटेल, पिता अशोक पटेल 40 वर्ष की रक्तरंजित लाश मिलने की सूचना पर पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर विस्तृत जांच प्रारंभ की गई।

घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की तो पुलिस डॉग बाघा की भी मदद ली गई।
बाघा घटना स्थल से दौड़ते हुए कुछ दूर पर कोहड़िया बस्ती तक गया और एक घर के पास जाकर ठहर गया। यहां मृतक बसंत कुमार के जूते सलीके से रखे हुए मिले।

बाघा द्वारा दिए गए इस क्लू के आधार पर जांच की दिशा आगे बढ़ाई गई।
👉🏻 परिवार मृतक के ननिहाल गांव से जुड़ा

प्रारंभिक जांच के दौरान उक्त निवास से एक व्यक्ति गायब मिला था। घर पर मिली महिला सदस्यों से आवश्यक पूछताछ की गई। ज्ञात हुआ कि जिस घर में मृतक के जूते मिले वहां,उसका आना-जाना होता था। महिला का मृतक के ननिहाल ग्राम से संबंध है और मृतक से उसका भाई-बहन का रिश्ता था। उसका पति नीलकुमार चौहान घटना दिनांक को घर पर मौजूद नहीं मिला था। पुलिस ने अपनी शंकाओं का समाधान करते हुए इस परिवार की महिलाओं से पूछताछ की। बाद में उक्त पुरुष के आ जाने पर उससे भी पूछताछ की गई। प्रथम दिन मामला हत्या का प्रतीत होने के आधार पर सभी पहलुओं पर जांच करते हुए साइबर टीम को भी लगाया गया। संदेहास्पद घर से घटनास्थल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो मृतक के आसपास ऐसा कोई भी संदिग्ध नजर नहीं आया जिससे इस बात की पुष्टि हो कि उसकी हत्या की गई है। यहां से जांच की दिशा आत्महत्या की ओर घूम गई। जांच की कड़ी में मृतक के दोस्तों से पूछताछ करने पर मृतक द्वारा की जाने वाली अजीबोगरीब हरकतें और हर समय किसी के द्वारा मारने के लिए दौड़ाने का भय जैसी बातें करने से पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि मृतक मानसिक रूप से परेशान था। जांच के दौरान गवाहों, परिजनों एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि आरोपी नीलकुमार चौहान द्वारा मृतक से ली गई 15,000/- की राशि वापस नहीं करने तथा लगातार मानसिक दबाव एवं प्रताड़ना घटना का प्रमुख कारण रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा सूक्ष्म विवेचना, गवाहों के बयान, तकनीकी विश्लेषण, घटनास्थल निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए। फॉरेंसिक जांच एवं वैज्ञानिक प्रमाणों से पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने एवं आरोपी की भूमिका स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त हुई। इस तरह आरोपी नीलकुमार चौहान पिता स्व. घासी राम चौहान, उम्र लगभग 36 वर्ष, निवासी ग्राम महेदी, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.) हाल मुकाम – ढेंगुरनाला कोहड़िया, चौकी सीएसईबी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
🙏🏻कोरबा पुलिस की अपील🙏🏻
किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, अपराध अथवा अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल नजदीकी थाना/चौकी या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। जनसुरक्षा एवं अपराध नियंत्रण हेतु कोरबा पुलिस सतत कार्यरत है।







