0 सूचना के बाद भी वन अमला नहीं कर रहा अपेक्षित सुरक्षा व सहयोग, रतजगा कर रहे ग्रामवासी
कोरबा-कटघोरा। कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत आने वाले जटगा और केंदई रेंज के जंगल से निकलकर आसपास के गांव में सियार आतंक मचा रहे हैं। चार से पांच की संख्या में सियार (सिकटा) दिनदहाड़े और रात के वक्त बच्चों से लेकर बड़े और जानवरों तक को अपना निशाना बना रहे हैं। सियारों ने एक हफ्ते से आतंक मचा रखा है और कई लोग इससे प्रभावित हो चुके हैं लेकिन सूचना देने के बाद भी वन विभाग के कर्मचारियों का रवैया उदासीन बना रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने सत्यसंवाद को बताया कि सियार वैसे तो करीब एक महीने से परेशान कर रहे हैं लेकिन पिछले एक हफ्ते से इनका आतंक कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। ग्राम हड़मोड़ में सियार ने घर के बाहर खेल रहे 3 साल के मासूम बच्चे को दिनदहाड़े काट लिया। तीन दिन पहले ही शाम के वक्त ग्राम कोटवार शंकर को सियार ने तब काट लिया जब वह शोर मचने पर अपने घर के दरवाजे पर आकर खड़ा था। एक ग्रामीण ने बताया कि बीट गार्ड प्रीतम को जानकारी दी गई थी कि सियार आतंक मचा रहे हैं और 3 साल के बच्चे को भी काट लिया है लेकिन आने की बात कह कर कोई भी वन कर्मी गांव नहीं पहुंचा और न ही घायलों का हाल जानने की फुर्सत मिली।
बताया गया कि सियारों ने कई जानवरों को भी काट कर जख्मी कर दिया है। ग्राम हड़मोड़ के अलावा देवमट्टी, आमाटिकरा जटगा आदि आसपास के गांव में सियारों की दहशत है। ग्रामीण रतजगा कर सियार की तलाश में भी लगे रहते हैं ताकि सतर्क किया जा सके। आमाटिकरा में दो दिन पहले एक वृध्द किसान को सियार ने तब काट लिया जब वह खेत में काम कर रहा था।

उस किसान को अस्पताल ले जाने के संबंध में वन कर्मी को सूचना दी गई कि उसे अस्पताल ले जाना है,लेकिन वन कर्मी ने कहा कि अपने साधन से आ जाओ फिर यहां से ले जाएंगे। करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर गांव में सियार का शिकार हुए वृद्ध की हालत ऐसी नहीं थी कि वह किसी के बाइक में पीछे बैठकर जा सके क्योंकि उसे लगातार चक्कर आ रहे थे। काफी इंतजार के बाद अंततः डायल 112 वाहन में बिठाकर पीड़ित ग्रामीण को अस्पताल ले जाया गया।
0 वन कर्मियों के रवैये से नाराजगी,प्रभार पर चल रहा कामकाज
जंगली इलाकों से लगे गांवों में जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं लेकिन सूचना देने के बाद भी वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जिस तरह से रवैया अपनाया जाता है, उसे लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने सत्यसंवाद को यह भी बताया कि एक वनकर्मी के जिम्मे कई इलाके दे दिए जाने के कारण वह अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। प्रभार सिस्टम पर काम चलाया जा रहा है जैसे कि बीट गार्ड प्रीतम को कई गांव का जिम्मा दिया गया है जिससे अब वह अपने मूल बीट क्षेत्र में व्यवस्था संभाले कि दूसरे क्षेत्रों में जाकर ड्यूटी करे? इस तरह से कई और वनकर्मी हैं जो कई क्षेत्रों का प्रभार संभाल रहे हैं जिस कारण अव्यवस्था का आलम बना हुआ है।





