👉🏻 पोड़ी उपरोड़ा से बांगो डेम तक बदहाल सड़क पर रोज दांव पर लग रही जान, जिम्मेदारों की प्राथमिकता पर उठे सवाल
👉🏻 करोड़ों की सड़क अधर में, लेकिन रंग-रोगन और दिखावटी कामों में व्यस्त रहने का ग्रामीणों का आरोप
कोरबा। कोरबा। सड़क किसी भी इलाके की जीवनरेखा होती है, लेकिन जल संसाधन विभाग की प्राथमिकताओं को देखकर लगता है कि लोगों की सुरक्षित आवाजाही से ज्यादा चिंता दीवारों और पुलों की चमक की है। पोड़ी उपरोड़ा से बांगो डेम तक का मार्ग बारिश में दलदल और गड्ढों में तब्दील हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण जैसे जरूरी काम वर्षों से अधूरे पड़े हैं, जबकि रंग-रोगन, लिपाई-पोताई और दूसरे कार्यों पर विभाग ज्यादा सक्रिय नजर आता है। नतीजा यह है कि स्कूली बच्चों से लेकर मरीज, किसान और आम लोग हर दिन जोखिम भरा सफर करने को मजबूर हैं।

मिनीमाता हसदेव बांगो बांध परियोजना से शिव मंदिर तक सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है, जिससे इस हिस्से में राहत मिली है। लेकिन शिव मंदिर से पोड़ी उपरोड़ा तक का मार्ग आज भी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। लगातार बारिश के कारण कच्ची सड़क कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव में बदल चुकी है। दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं तो चारपहिया वाहन भी मुश्किल से निकल पा रहे हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि इस सड़क का निर्माण वर्षों पहले जल संसाधन विभाग ने कराया था, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होने और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पूरी तरह उखड़ गई। हर बारिश के साथ कटाव बढ़ता गया, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
ग्रामीणों के मुताबिक पूरी सड़क के निर्माण और उन्नयन के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति मिल चुकी थी और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। बताया जाता है कि ठेकेदार द्वारा निर्धारित दर से अधिक (एबव रेट) का कोटेशन देने के कारण मामला अटक गया और निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। इसका खामियाजा अब आम लोग भुगत रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की प्राथमिकताएं जनसुविधा नहीं बल्कि औपचारिकताएं बन गई हैं। उनका कहना है कि हाल के दिनों में डेम मरम्मत, गाला सफाई, पुल की लिपाई-पोताई जैसे कार्यों पर जोर दिया गया, जबकि सड़क निर्माण जैसे जरूरी काम ठंडे बस्ते में पड़े हैं। इन कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं तान नदी में रिटर्निंग वॉल का निर्माण भी ऐसे समय शुरू किया गया कि काम शुरू होते ही बाढ़ आ गई और निर्माण प्रभावित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
लोगों का कहना है कि सड़क केवल सुविधा नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा सबसे अहम माध्यम है। इसके बावजूद वर्षों से इस मार्ग की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से शिव मंदिर से पोड़ी उपरोड़ा तक सड़क निर्माण एवं मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अब भी जनहित की इस मांग को अनदेखा किया गया तो कई गांवों के लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।







